देश की खबरें | वर्तमान लोकसभा में भाजपा के दो सदस्यों की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही

नयी दिल्ली, 13 फरवरी भारतीय जनता पार्टी के मोहन मंडावी और भागीरथ चौधरी 17वीं लोकसभा में ऐसे दो सदस्य रहे जिन्होंने पांच साल की अवधि के दौरान कुल 274 बैठकों में 100 प्रतिशत उपस्थिति का गौरव हासिल किया।

यह संयोग की कहा जाएगा कि पहली बार लोकसभा पहुंचे इन दोनों सदस्यों को सदन में एक-दूसरे के बगल वाली सीटें आवंटित की गई थीं।

दूसरी तरफ, अभिनेता-राजनेता सनी देओल (भाजपा) और शत्रुघ्न सिन्हा (टीएमसी) उन नौ लोकसभा सदस्यों में से थे, जिन्होंने किसी भी चर्चा में भाग नहीं लिया।

मंडावी ने कहा, ‘‘मुझे जो काम सौंपा गया है, मैं उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ करता हूं। मैं छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्र कांकेर का प्रतिनिधित्व करता हूं और मैंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी सदन में भाग लिया था।’’

‘पीआरएस लेजिस्लेटिव’ नामक संस्था द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के अजमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौधरी और मंडावी की उपस्थिति 17वीं लोकसभा के दौरान 100 प्रतिशत रही। इस पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान औसतन 79 प्रतिशत की उपस्थिति देखी गई।

मंडावी ने कहा कि लोकसभा में उनकी और चौधरी की अगल-बगल सीटें थीं।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से भाजपा सदस्य पुष्पेंद्र सिंह चंदेल संसद में सबसे सक्रिय सदस्य थे, जिन्होंने 17वीं लोकसभा में 1,194 चर्चाओं में भाग लिया था, उनके बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से कुलदीप राय शर्मा (833 चर्चाएं) थे।

यह संस्था किसी सदस्य द्वारा विधेयकों पर चर्चा में भाग लेने, शून्यकाल के दौरान मुद्दे उठाने, विशेष उल्लेख और अन्य सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों से खुद को जोड़ने को ‘चर्चा में भागीदारी’ की श्रेणी में मानती है।

बसपा सदस्य मलूक नागर (बिजनौर) ने 582 चर्चाओं में भाग लिया, इसके बाद धर्मपुरी से द्रमुक सदस्य डीएनवी सेंथिलकुमार (307 चर्चाओं), कोल्लम से आरएसपी सदस्य एनके प्रेमचंद्रन (265), बारामती से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) की सदस्य सुप्रिया सुले (248) ने भाग लिया।

अभिनेता- सांसद सनी देओल (भाजपा) और शत्रुघ्न सिन्हा (टीएमसी) उन नौ लोकसभा सदस्यों में से थे, जिन्होंने किसी भी चर्चा में भाग नहीं लिया।

भाजपा सदस्य रमेश जिगाजिनागी, बी एन बचेगौड़ा, प्रधान बरुआ, अनंत कुमार हेगड़े और वी श्रीनिवास प्रसाद, टीएमसी सदस्य दिब्येंदु अधिकारी और बसपा सदस्य अतुल कुमार राय अन्य वे सदस्य थे जिन्होंने 17वीं लोकसभा में किसी चर्चा में भाग नहीं लिया।

हक

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