विदेश की खबरें | स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री पर हमला करने के आरोपी ने अकेले ही घटना को अंजाम दिया: गृह मंत्री
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि फीको की हालत गंभीर लेकिन स्थिर है। प्रधानमंत्री पर बुधवार को एक सांस्कृतिक केंद्र के बाहर पांच गोलियां चलाई गईं जहां वह समर्थकों से मिल रहे थे।

अधिकारियों ने बताया था कि राजधानी ब्रातीस्लावा से लगभग 140 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हैंडलोवा शहर में एक सांस्कृतिक केंद्र के बाहर प्रधानमंत्री पर हमले की घटना हुई।

पुलिस ने हमलावर की पहचान उजागर नहीं की है। हालांकि अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि हमलावर 71 वर्षीय सेवानिवृत्त शख्स है। हमलावर के बारे में खबरें आई हैं कि वह देश के दक्षिण-पश्चिम इलाके में एक मॉल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।

प्रधानमंत्री पर हमले ने इस छोटे से मध्य यूरोपीय देश को सकते में डाल दिया है जहां नेता हमले के लिए अत्यंत राजनीतिक ध्रुवीकरण वाले हालात को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं जिसने देश को विभाजित कर दिया है।

गृह मंत्री एस्टोक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमले के लिए जिस व्यक्ति पर आरोप लगा है उसका किसी भी राजनीतिक समूह से जुड़ाव नहीं पाया गया है। हालांकि एस्टोक ने बुधवार को कहा था कि प्रारंभिक जांच में फिको पर हमले के पीछे ‘‘स्पष्ट राजनीतिक मंशा’’ का पता चला है।

फिको पर हमला ऐसे समय में हुआ जब हजारों प्रदर्शनकारी उनकी नीतियों का विरोध करने के लिए राजधानी और देश भर में रैलियां कर रहे हैं। यह घटना यूरोप में जून में होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले हुई है।

इस बीच, स्लोवाकिया के नेताओं ने देश की भलाई के लिए शांति का आह्वान किया है। फिको की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, निवर्तमान राष्ट्रपति जुजाना कैपुतोवा ने कहा कि राजनीतिक दलों के प्रमुख शांति बनाए रखने के प्रयास के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमला तेजी से ध्रुवीकृत होते समाज का प्रतिबिंब है।

कैपुतोवा ने ब्रातीस्लावा में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम हर किसी से जिम्मेदारपूर्वक व्यवहार करने का आह्वान करना चाहते हैं।’’

नव निर्वाचित राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने राजनीतिक दलों से 6-9 जून को होने वाले यूरोपीय चुनावों के लिए अपने प्रचार अभियानों को निलंबित करने या सीमित करने का आह्वान किया, ताकि ‘‘नेताओं के बीच गतिरोध और आपसी आरोप-प्रत्यारोप’’ को रोका जा सके।

पिछले साल सितंबर में निर्वाचित फिको की सरकार ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोककर विवाद पैदा कर दिया था।

सरकार ने एक विशेष भ्रष्टाचार रोधी अभियोजक को हटाने और मीडिया पर नियंत्रण के लिए दंड संहिता में संशोधन करने की योजना बनाई है। सरकार के आलोचकों का कहना है कि कि फिको 54 लाख आबादी वाले स्लोवाकिया को और अधिक निरंकुश रास्ते पर ले जाएंगे। स्लोवाकिया ‘नाटो’ का भी हिस्सा है।

फिको पिछले साल स्लोवाकिया में सत्ता में लौटे थे। इससे पहले भी वह दो बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं।

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