जरुरी जानकारी | टाटा समूह ने कोविड राहत कार्यों में अब तक 2,500 करोड़ रुपए खर्च किये: चंद्रशेखरन

मुंबई, 10 जून टाटा सन्स के चैयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि समूह की कंपनियों ने मार्च 2020 के बाद आई कोविड-19 महामारी की दोनों लहरों में विभिन्न प्रकार के राहत कार्यों में सामूहिक रूप से 2,500 करोड़ रुपए की मदद की है।

समूह की सबसे महत्वपूर्ण कंपनी टीसीएस की वार्षिक आम सभा में अपने संबोधन में कहा कि टाटा समूह की कंपनियों ने महामारी के दौरान वित्तीय प्रतिबद्धताओं से ज्यादा जमीनी स्तर पर किए जाने वाले काम, जैसे कि नये अस्पतालों के निर्माण तथा ऑक्सीजन क्षमता का विस्तार करने पर ज्यादा ध्यान दिया।

चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा सन्स और उससे संबंधित धर्मार्थ न्यासों ने महामारी की पहली लहर के बाद 1,500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता जताई। बाद में देश में महामारी का प्रकोप जारी रहने के साथ टीसीएस और टाटा स्टील सहित समूह की कंपनियों ने 1,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त योगदान दिया।

उन्होंने कहा, "इस तरह से समूह ने कुल मिलाकर करीब 2,500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता दी और खर्च किया।"

चंद्रशेखरन ने कहा कि वित्तीय मदद के बजाय समूह ने ज्यादातर काम जमीनी स्तर पर किया है। उदाहरण देते हुये उन्होंने कहा कि समूह ने अस्पतालों में 3,300 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध कराई हे। दो अस्पतालों के निर्माण में सहयोग किया और आक्सीजन आपूर्ति क्षमता को प्रतिदिन 1,100 टन तक बढ़ाया। यह मात्रा देशभर में स्थापित कुल क्षमता का दस प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि कोविड की तीसरी लहर से ज्यादा गड़बड़ी नहीं होगी लेकिन एक बात हमें याद रखनी होगी कि वायरस लगता है हमसे एक कदम आगे है। इसलिये हमें सावधान रहने की जरूरत है और किसी भी स्थिति के लिये तैयार रहना चाहिये।’’

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