एजेंसी न्यूज

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब उत्तराखंड के मदरसों का भी होगा सर्वेंक्षण, सीएम धामी बोले यह जरूरी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में मदरसों का सर्वेंक्षण जरूरी है क्योंकि उनके बारे में तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं.

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब उत्तराखंड के मदरसों का भी होगा सर्वेंक्षण, सीएम धामी बोले यह जरूरी
सीएम पुष्कर सिंह धामी (Photo Credit: IANS)

देहरादून, 13 सितंबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में मदरसों का सर्वेंक्षण जरूरी है क्योंकि उनके बारे में तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं. धामी का यह बयान उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शादाब शम्स द्वारा प्रदेश में मदरसों के सर्वेंक्षण की जरूरत पर जोर दिए जाने के एक दिन बाद आया है. उत्तराखंड में डेंगू का बढ़ता प्रकोप, एनएचएम मिशन डायरेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को लिखा चेतावनी के साथ पत्र.

यहां संवाददाताओं से बातचीत में धामी ने कहा, ‘‘बहुत सारी जगहों पर मदरसों को लेकर तमाम तरह की बातें आ रही हैं इसलिए उनका एक बार सर्वे होना नितांत जरूरी है जिससे सारी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो जाए.’’

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में ‘गैर मान्यता प्राप्त’ मदरसों का सर्वेंक्षण कर वहां पढा रहे शिक्षकों की संख्या, पाठ्यक्रम और वहां उपलब्ध सुविधाओं समेत कई सूचनाएं एकत्रित करने के निर्देश दिए जाने के बाद उत्तराखंड में भी ऐसी कवायद शुरू होने की चर्चाएं जोरों पर हैं.

शम्स ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा दिए जाने की वकालत करते हुए वहां उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए वक्फ बोर्ड की योजना बनाए जाने की बात कही है. उत्तराखंड वक्फ बोर्ड प्रदेश में 103 मदरसे संचालित कर रहा है.

एक अन्य सवाल के जवाब में धामी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग उसे सौंपी गयी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं का जल्द आयोजन करेगा और उनका कलैंडर इस सप्ताह तक जारी कर दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर में रिक्तियों का विज्ञापन दे दिया जाएगा तथा दिसंबर तक परीक्षाएं हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि अधीनस्थ सेवाओं की परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी लोक सेवा आयोग को दी गयी है ताकि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ली गयी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जारी जांच के कारण अन्य परीक्षाओं के आयोजन में देरी न हो और उम्मीदवारों का भविष्य खराब न हो.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2022 08:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).