देश की खबरें | शरद पवार ने अजित पवार गुट को असली राकांपा के रूप में मान्यता देने के फैसले को न्यायालय में चुनौती दी

नयी दिल्ली, 13 फरवरी शरद पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के रूप में मान्यता देने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।

कांग्रेस से निष्कासन के बाद 1999 में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी. संगमा और तारिक अनवर के साथ राकांपा का गठन करने वाले शरद पवार ने वकील अभिषेक जेबराज के माध्यम से सोमवार शाम को याचिका दायर की।

इससे पहले, अजित पवार गुट ने वकील अभिकल्प प्रताप सिंह के जरिए एक कैविएट दायर की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगर शरद पवार समूह शीर्ष अदालत में जाता है, तो उसके पक्ष में कोई एकतरफा आदेश पारित न किया जाए।

निर्वाचन आयोग ने छह फरवरी को घोषणा की थी कि अजित पवार गुट ही असली राकांपा है। इस घोषणा से पार्टी संस्थापक शरद पवार को बड़ा झटका लगा।

आयोग ने एक आदेश में अजित पवार के नेतृत्व वाले समूह को राकांपा का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ भी आवंटित कर दिया था।

वर्तमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पिछले साल जुलाई में राकांपा के अधिकतर विधायकों के साथ अलग हो गए थे और बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे। इससे राकांपा विभाजित हो गई थी।

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