देश की खबरें | शाहजहां शेख को जल्द गिरफ्तार किया जाएग, भाजपा मामले का राजनीतिकरण कर रही : टीएमसी

नयी दिल्ली, 25 फरवरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार संदेशखालि मामले के आरोपी शाहजहां शेख के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

टीएमसी नेता सागरिका घोष ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने और ‘कानून का पालन करने वाली सरकार’ के काम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की उसकी मांग दर्शाती है कि वह केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है, लेकिन उसने मणिपुर के मामले में कभी ऐसी मांग नहीं की।

घोष ने कहा, ‘‘टीएमसी बहुत स्पष्ट है, अब जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है, पुलिस और सरकार कार्रवाई करेगी और बहुत जल्द उसकी गिरफ्तारी होगी।’’

घोष ने कहा, ‘‘यह आरोप कि उन्हें बंगाल सरकार द्वारा बचाया जा रहा है और वह धर्म से जुड़ी चिंताओं के कारण कार्रवाई नहीं कर रही थी, पूरी तरह से निराधार है। शेख के प्रमुख सहयोगी पहले से ही जेल में हैं। मुख्य आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं करने का एक मात्र कारण कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश है।’’

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कद्दावर नेता शेख पर पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप है।

आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए टीएमसी उम्मीदवार घोष ने कहा कि इस मुद्दे को ‘धार्मिक रंग’ दिया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है।

उन्होंने कहा, ‘‘संदेशखालि में पश्चिम बंगाल सरकार मौजूद है, शिविर लगाए जा रहे हैं, 10 सदस्यीय टीम सबूत एकत्र कर रही है और जहां दावे की पुष्टि हो रही है, वहां जमीन वापस की जा रही है।’’

इस बीच, टीएमसी नेता सुष्मिता देव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस शेख को पहले गिरफ्तार नहीं कर सकी क्योंकि कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश ने राज्य पुलिस को आरोपों की जांच करने से रोक दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दृढ़ता से कहना चाहती हूं कि कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश स्पष्ट रूप से कहता है कि पश्चिम बंगाल पुलिस उसके द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी की जांच नहीं करेगी। जांच के बाद ही गिरफ्तारी होती है। अगर अदालत कहती है कि आप जांच भी नहीं कर सकते हैं तो आप पश्चिम बंगाल पुलिस से गिरफ्तारी की उम्मीद कैसे करेंगे।’’

देव ने कहा, ‘‘अभिषेक बनर्जी द्वारा खामी बताए जाने के बाद आज उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है। कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है। संदेशखालि में जो कुछ भी हुआ या नहीं हुआ, राज्य को इसका समाधान करना है। राज्य की कानून-व्यवस्था का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं आ सकते।’’

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को पुलिस को शेख को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है। अदालत ने कहा कि यह जानकर आश्चर्य हुआ कि संदेशखालि में अत्याचार की घटनाओं की सूचना राज्य पुलिस को चार साल पहले दी गई थी।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि शेख, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, जिला पुलिस अधीक्षक और पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्य के गृह सचिव को महिलाओं के यौन उत्पीड़न और आदिवासी लोगों की भूमि हड़पने के आरोपों पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किये गये मामले में पक्षकार के रूप में शामिल किया जाए।

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