देश की खबरें | सत्र अदालत ने पासपोर्ट न होने के बावजूद इसे जमा करने को कहा, उच्च न्यायालय ने हैरानी जताई

मुंबई, 11 जुलाई गोवा की एक सत्र अदालत ने एक आरोपी को ज़मानत देते हुए शर्त लगायी कि वह अपना पासपोर्ट जमा कराए लेकिन उसके पास पासपोर्ट था ही नहीं। निचली अदालत के इस तरह के आदेश पर बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने हैरानी जताई।

एकल पीठ के न्यायमूर्ति भरत देशपांडे ने नौ जुलाई को आरोपी की ज़मानत की शर्तों में सुधार करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सत्र अदालत ने एक "अजीब तरीका" अपनाया और आरोपी को चार महीने के भीतर अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा कि इस तरह के आदेश से सत्र अदालत स्पष्ट रूप से आरोपी को पासपोर्ट के लिए आवेदन करने और फिर उसे जमा करने का आदेश दे रही है।

न्यायमूर्ति देशपांडे ने सवाल किया कि क्या अदालत यह उम्मीद कर रही है कि आरोपी पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन करेगा, उसे हासिल करेगा और फिर जेल से रिहा होने से पहले उसे पुलिस के पास जमा करेगा।

उच्च न्यायालय ने कहा, "जमानत के लिए (पासपोर्ट जमा करने की) शर्त लगाते समय सत्र अदालत के पास किसी व्यक्ति को पासपोर्ट के लिए आवेदन करने, उसे प्राप्त करने और फिर उसे जमा करने का निर्देश देने का अधिकार नहीं है।"

पीठ ने कहा, "पहले असामान्य शर्त लगाई गई और उसके बाद उसे संशोधित नहीं किया गया, उससे स्पष्ट है कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अपने अधिकारों से परे जाकर काम किया है।"

पीठ ने आरोपी को अपना पासपोर्ट जमा कराने की शर्त को खारिज कर दिया।

अदालत 18 वर्षीय युवक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी है। उसे अप्रैल 2024 में गोवा में अगासैम पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

उसी महीने एक सत्र अदालत ने उसे 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी थी, साथ ही कुछ अन्य शर्तें भी लगाई थीं, जैसे पुलिस के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराना और अदालत में अपना पासपोर्ट जमा कराना।

युवक ने अपनी याचिका में कहा कि उसके पास पासपोर्ट नहीं होने की बात सत्र अदालत के समक्ष रखी गई थी, लेकिन इस पर विचार नहीं किया गया।

आरोपी ने सत्र अदालत में आवेदन दायर कर जमानत की शर्त में संशोधन की मांग की। शर्त में संशोधन करने के बजाय सत्र अदालत ने शर्त को चार महीने के लिए निलंबित कर दिया और आरोपी को तब तक पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)