जरुरी जानकारी | सेंसेक्स में तीन दिनों से जारी तेजी पर विराम, निफ्टी 15,700 के नीचे बंद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीएसई सेंसेक्स में पिछले तीन दिनों की तेजी के बाद बुधवार को गिरावट दर्ज की गयी। एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज, वित्तीय और धातु शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
मुंबई, 23 जून बीएसई सेंसेक्स में पिछले तीन दिनों की तेजी के बाद बुधवार को गिरावट दर्ज की गयी। एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज, वित्तीय और धातु शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
कारोबारियों के अनुसार विदेशी कोषों की निकासी जारी रहने से बिकवाली में तेजी रही। हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में तेजी से गिरावट पर अंकुश लगा।
उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 282.63 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,306.08 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.80 अंक यानी 0.54 प्रतिशत टूट कर 15,686.95 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में कोटक बैंक का शेयर रहा। इसके अलावा, एल एंड टी, टाटा स्टील, एचडीएफसी, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, और आईसीआईसीआई बैंक भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, मारुति, टाइटन, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई 2.3 प्रतिशत तक लाभ में रहे।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 23 नुकसान में जबकि केवल 7 लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में कोई ठोस संकेत के अभाव में बाजार में सुधार जारी है। साथ ही विदेशी कोषों की निकासी से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में धीमी गति से वृद्धि के आश्वासन के बावजूद बाजार में तेजी नहीं लौट रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वाहन को छोड़कर सभी खंडवार सूचकांक नुकसान में रहे। सभी विनिर्माताओं के वाहनों के दाम बढ़ाने की घोषण से वाहन सूचकांक में तेजी रही। लॉकडाउन पाबंदियों में ढील तथा टीकाकरण अभियान में तेजी से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और इसका सकारात्मक असर वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में देखने को मिलेगा।’’
बीएसई तेल एवं गैस, उपयोगी सेवाएं, धातु, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी तथा आईटी सूचकांक 1.21 प्रतिशत तक नुकसान में रहे जबकि उपभोक्ता टिकाऊ और वाहन सूचकांक लाभ में रहे।
वृहत आर्थिक मोर्चे पर मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने 2021 के लिये भारत की वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 9.6 प्रतिशत कर दिया है। जबकि पूर्व में उसने 13.9 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था। उसने कहा कि जून तिमाही में आर्थिक नुकसान को सीमित करने के लिये तेजी से कोविड टीकाकरण महत्वपूर्ण होगा।’’
एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग और तोक्यो लाभ में रहे जबकि सोल के बाजार में गिरावट रही।
शुरूआती कारोबार में यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत मजबूत होकर 75.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनमय दर 10 पैसे मजबूत होकर 74.27 प्रतिशत रही।
शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 1,027.94 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2021 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

