देश की खबरें | सुरक्षा एजेंसियों ने तमिलनाडु के बंदरगाह पर पाकिस्तान जा रही प्रतिबंधित रसायनों की खेप जब्त की

चेन्नई, 11 जुलाई सुरक्षा एजेंसियों ने तमिलनाडु के एक बंदरगाह पर चीन से पाकिस्तान जा रही एक खेप जब्त की है, जिसमें आंसू गैस और दंगा नियंत्रण एजेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित रसायन हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान कथित तौर पर अपने ‘सदाबहार दोस्त’ चीन की मदद से आक्रामक रासायनिक और जैविक युद्ध कार्यक्रम पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि चीनी कंपनी चेंग्दू शिचेन ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड ने रावलपिंडी स्थित रक्षा आपूर्तिकर्ता रोहेल एंटरप्राइजेज को ‘ऑर्थो-क्लोरो बेंजिलिडीन मैलोनोनाइट्राइल’ की एक खेप भेजी थी।

अधिकारियों ने कहा कि लगभग 2560 किलोग्राम वजनी खेप को 25 किलोग्राम के 103 ड्रमों में रखा गया था और 18 अप्रैल, 2024 को चीन के शंघाई बंदरगाह पर मालवाहक जहाज ह्युडई शंघाई (साइप्रस के ध्वज के साथ संचालित) में लादा गया था।

कराची की ओर जा रहा जहाज आठ मई, 2024 को कट्टूपल्ली बंदरगाह (तमिलनाडु) पहुंचा।

अधिकारियों ने कहा कि सीमा शुल्क अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान खेप को रोक लिया क्योंकि रसायन का नाम भारत की निर्यात नियंत्रण सूची 'स्कोमेट' के तहत एक नियंत्रित पदार्थ के रूप में शामिल था।

विशेषज्ञों से सहायता लेने और रसायन की जांच करने के बाद, यह पाया गया कि यह ऑर्थो-क्लोरो बेंजिलिडीन मैलोनोनाइट्राइल (सीएस) था, जो वासेनार व्यवस्था के तहत एक सूचीबद्ध पदार्थ है।

भारत ने वासेनार व्यवस्था पर दस्तखत किए हैं, वहीं चीन और पाकिस्तान ने नहीं किए हैं।

इसके बाद, सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 और सामूहिक विनाश के हथियार और वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों का निषेध) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत रसायनों की खेप को जब्त कर लिया गया।

मार्च में भी सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीन से कराची जाने वाले जहाज में ले जाई जा रही एक खेप को रोकने के बाद जब्त कर लिया था। इसमें पाकिस्तान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़ी दोहरे उपयोग वाली सामग्री थी।

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