जरुरी जानकारी | सेबी ने कैपिटल मनी मंत्र, कंपनी प्रमुख को प्रतिभूति बाजार से दो वर्ष के लिये प्रतिबंधित किया

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपनी जांच में पाया कि कैपिटल मनी मंत्र और उसके एक मात्र मालिक यादव ने नियामक से पंजीकरण प्रमाण पत्र लिए बगैर ही निवेश सलाहकार गतिविधियों को चलाया था।

सेबी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कंपनी ने अक्टूबर 2015 से जुलाई 2017 की अवधि के दौरान ऐसी सेवाओं के माध्यम से निवेशकों से 65 लाख रुपये जुटाए। इस तरह की गतिविधियों में शामिल होकर उसने निवेश सलाहकार (आईए) नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

नियामक ने कहा, ‘‘कंपनी को इस आदेश के जारी होने के तीन महीने के भीतर ग्राहकों/निवेशकों/शिकायतकर्ता से अपंजीकृत निवेश सलाहकार गतिविधियों के जरिये किसी भी तरह से जुटाए गए धन को वापस करना होगा।’’

सेबी ने इसके अलावा कैपिटल मनी मंत्र और यादव को निवेशकों को धनवापसी के पूरा होने की तारीख से दो साल के लिए प्रतिभूति बाजार में शेयर खरीदने, बेचने या अन्य किसी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

सेबी ने शुक्रवार को जारी एक अन्य आदेश में ए2जेड इंफ़्रा इंजीनियरिंग कंपनी पर बाजार के नियमों का उल्लघंन करने के लिए आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

नियामक ने केशव शेयर्स एंड स्टॉक्स लिमिटेड और सुरभि रिसॉर्ट्स (सिग्नेचर सत्त्व इंफ्राटेक) पर धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का निषेध (पीएफयूटीपी) मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए कुल सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसके अलावा मल्टीप्लेक्स कैपिटल पर स्टॉक ब्रोकरों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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