देश की खबरें | दक्षेस महासचिव ने भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की

नयी दिल्ली, 15 मई दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के महासचिव मोहम्मद गुलाम सरवर ने वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से बातचीत की और समूह में सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

सरवर बांग्लादेशी राजनयिक हैं और 11 मई को पांच दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे।

सरवर की जुलाई 2023 में समूह के महासचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद किसी सदस्य देश की यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा थी।

सरवर ने विदेश सचिव विनय क्वात्रा और विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह से मुलाकात की। इसके अलावा विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार के साथ विस्तृत बातचीत की।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरवर ने दक्षेस में सहयोग के मुद्दों पर भारत सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत की।

इसमें कहा गया, ‘‘चर्चा के दौरान, भारत ने दक्षेस के माध्यम से दक्षिण एशिया के लोगों के विकास और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह भी रेखांकित किया गया कि भारत दक्षेस को दक्षिण एशिया में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संघ मानता है और दक्षिण एशिया के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए कई प्रयास और पहल कर रहा है।’’

दक्षेस महासचिव ने दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू) का भी दौरा किया।

दक्षेस एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।

यह समूह 2016 के बाद से बहुत प्रभावी नहीं है क्योंकि 2014 में काठमांडू में हुए आखिरी शिखर सम्मेलन के बाद से इसका द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन नहीं हुआ है।

दक्षेस शिखर सम्मेलन 2016 में इस्लामाबाद में आयोजित किया जाना था। लेकिन उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने ‘‘उत्पन्न परिस्थितियों’’ के कारण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने में असमर्थता व्यक्त की।

बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान द्वारा भी इस्लामाबाद में प्रस्तावित शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार करने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था।

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