डी6 से जून अंत तक नई गैस का उत्पादन शुरू करेगी रिलायंस, लागत होगी 2.2 डॉलर प्रति इकाई

इसके अलावा इस समय तेल/गैस का बाजार भी कफी नीचे चल रहा है। ब्रेंट कच्चा तेल 26 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा है।इस हिसाब से इन दानों भागीदारों की केजी-डी6 ब्लॉक की आर-श्रृंखला क्षेत्र परियोजना की गैस का भाव 2.2 डॉलर प्रति इकाई (प्रति दस लाख मीट्रिक ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) बैठेगी। यह सरकार द्वारा निर्धारित सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी के क्षेत्रों से उत्पादित गैस के मूल्य 2.39 डॉलर प्रति इकाई से भी कम है।

जमात

नयी दिल्ली, तीन मई रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी पीएलसी ने पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लॉक में नये खोजे गए अपने गैस स्रोतों से उत्पादन का कार्यक्रम कोरोना पाबंदियों के कारण जून के अंत तक के लिए टाल दिया है। कोरोना वायरस की वजह से इस समय माल और मनुष्यों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगे हैं।

इसके अलावा इस समय तेल/गैस का बाजार भी कफी नीचे चल रहा है। ब्रेंट कच्चा तेल 26 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा है।इस हिसाब से इन दानों भागीदारों की केजी-डी6 ब्लॉक की आर-श्रृंखला क्षेत्र परियोजना की गैस का भाव 2.2 डॉलर प्रति इकाई (प्रति दस लाख मीट्रिक ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) बैठेगी। यह सरकार द्वारा निर्धारित सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी के क्षेत्रों से उत्पादित गैस के मूल्य 2.39 डॉलर प्रति इकाई से भी कम है।

बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद निवेशकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण में रिलायंस ने कहा कि वह केजी-डी6 ब्लॉक में तीन परियोजनाओं पर काम कर रही है। यहां पुराने क्षेत्रों में उत्पादन इस साल फरवरी से बंद हो गया है।

कंपनी ने कहा है कि आर-क्लस्टर क्षेत्र से पहली गैस का उत्पादन जून, 2020 तक होगा। हालांकि, यह काफी कुछ लॉकडाउन हटने पर निर्भर करेगा।

कंपनी ने कहा कि आर क्षेत्र से उत्पादन मई के मध्य में शुरू होना था, लेकिन बंद की वजह से यह टाल दिया गया है।

रिलायंस ने कहा कि उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023-24 तक वह इस क्षेत्र में उत्पादन के उच्चतम स्तर पर होगी और उस सयम उत्पादन 2.8 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन तक होगा। उस समय तक तीनों परियोजनाएं शुरू हो चुकी होंगी।

रिलायंस और बीपी केजी-डी6 ब्लॉक में 2022 तक तीन खोजों का विकास करेंगी। ये हैं...आर-क्लस्टर, सैटेलाइट्स और एमजे।

सबसे ज्यादा 1.2 करोड़ घनमीटर का उत्पादन आर-क्लस्टर से हासिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा सैटेलाइट्स से उच्चतम स्तर पर 70 लाख घनमीटर प्रतिदिन का उत्पादन हासिल होगा। इस क्षेत्र से उत्पादन 2021 के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है। एमजे क्षेत्र से उत्पादन 2022 की दूसरी छमाही से शुरू होगा। इस क्षेत्र से अधिकतम 1.2 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन का उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

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