देश की खबरें | राजद के बागी विधायक ने पार्टी नेतृत्व पर भेदभाव और अविश्वास का आरोप लगाया

पटना, 12 फरवरी पटना, 12 फरवरी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बागी विधायक चेतन आनंद ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार सरकार के विश्वासमत हासिल करने से पहले पार्टी विधायकों को तेजस्वी यादव के घर पर रुकने के लिए कहना पार्टी नेतृत्व के विधायकों पर कम भरोसे को दर्शाता है।

बाहुबली से नेता बने आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने यादव के ‘ए टू जेड’ जो उच्च जातियों सहित समाज के सभी वर्गों के प्रति सद्भावना को दर्शाता है, के दावे पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें राजद में भेदभाव का सामना करना पड़ा था।

राजद विधायकों नीलम देवी और प्रह्लाद यादव के साथ विश्वास मत के पक्ष में मतदान करने वाले आनंद ने कहा, ‘‘काफ़ी समय से मैं और मेरा परिवार पार्टी में भेदभाव का सामना कर रहे हैं। यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। यहां तक कि महागठबंधन सरकार में मंत्री पदों के आवंटन में भी राजपूतों और भूमिहारों के साथ ऐसा बर्ताव किया गया था ।’’

आनंद राजपूत समुदाय से आते हैं और उनके पिता अपने दौर में समुदाय के युवाओं के बीच आदर्श माने जाते थे।

नीलम देवी की शादी भूमिहार समुदाय से आने वाले एक गैंगस्टर और पूर्व विधायक अनंत सिंह से हुई है। अनंत सिंह के मोकामा आवास से विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद बरामद होने के बाद उन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) मामले में दोषी ठहराया गया है।

आनंद ने कहा कि उनकी मां लवली आनंद (पूर्व सांसद) की राजद द्वारा अनदेखी की गई और पिता की रिहाई पर जब विवाद खड़ा हुआ तो उन्होंने (आनंद) अपमानित महसूस किया।

आनंद के पिता तीन दशक पहले एक आईएएस अधिकारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में दोषी करार दिए गए थे और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद रुकने (तेजस्वी के घर पर) के लिए कहा गया। मुझे अपने परिवार से मिलने जाने की अनुमति भी नहीं दी गई। स्पष्टतः मुझ पर भरोसा नहीं किया जा रहा था।’’

विधायक आनंद (32) से जब उस वीडियो फुटेज के बारे में पूछा गया जिसमें वह क्रिकेट के खेल का आनंद ले रहे थे और तेजस्वी यादव के निवास स्थान पर गिटार बजा रहे थे, तो उन्होंने कहा, ‘‘यह कुछ भी नहीं है। जब आप किसी स्थान पर रहने के लिए मजबूर होते हैं तो आप उपलब्ध सुविधाओं का आनंद लेने के लिए बाध्य होते हैं।’’

सदन में अपने भाषण में यादव ने युवा विधायक को अपने छोटे भाई की तरह बताते हुए दावा किया था कि अन्य स्थानों पर अपनी किस्मत आजमाने के बाद हमने उन्हें टिकट दिया था।

हालांकि आनंद ने शिकायती लहजे में कहा कि कहा, ‘‘हमें ठाकुर के कुएँ का ताना मारा गया था। अब सबको मालूम हो जायेगा कि कुएं में बहुत पानी है।’’

आनंद का इशारा सदन के पटल पर राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा की कविता ठाकुर का कुआं के पाठ की ओर था।

आनंद ने जदयू अध्यक्ष के ‘इंडिया’ गठबंधन छोड़ने और भाजपा के नेतृत्व वाले राजग में लौटने से ठीक एक महीने पहले दिसंबर के अंत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी जिससे परिवार के भविष्य के राजनीतिक कदमों के बारे में अटकलें तेज हो गईं।

हालांकि जब युवा विधायक से इस बारे में पूछा गया कि क्या वह भाजपा या जदयू में शामिल होंगे तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, ‘‘परिस्थितियां भविष्य की कार्रवाई का फैसला करेंगी।’’

तीन विधायकों के पाला बदलने से विधानसभा में राजद की प्रभावी ताकत घटकर 76 रह गई है जो भाजपा से दो कम है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नित्यानंद राय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के सबसे बड़े होने का दावा करते थे। उसका गौरव तार-तार हो गया है।’’

हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि राजद तीन बागी सदस्यों को अयोग्य ठहराने की मांग करेगा या नहीं, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आलोक मेहता से जब इस घटनाक्रम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘तीन विधायकों ने पाला क्यों बदला, यह जांच का विषय है।’’

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