देश की खबरें | अधिकारियों को जेल में डालने से दिल्ली ऑक्सीजन नहीं आएगी: उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली, पांच मई उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकारियों को जेल में डालने से ऑक्सीजन दिल्ली नहीं आने वाली है।

शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही केंद्र से पूछा कि तीन मई से उसने अबतक दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।

अदालत ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करें कि लोगों का जीवन बचे।’’

शीर्ष अदालत राजधानी में कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिये आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश के अनुपालन में विफल रहने की वजह से केन्द्र सरकार को दिल्ली उच्च न्यायालय की अवमानना कार्यवाही की नोटिस के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने दिल्ली में महामारी की गंभीर स्थिति का देखते हुए तीन मई से 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का आदेश दिया था।

पीठ ने कहा, ‘‘ अधिकारियों को जेल में डालने से शहर में ऑक्सीजन नहीं आयेगी। , हम सुनिश्चित करें की जिंदगियां बचाई जाए।’’

सॉलिसीटर जनरल तुषर मेहता ने कहा, ‘‘ यह विरोधात्मक वाद नहीं हैं , केन्द्र और दिल्ली की चुनी हुई सरकार कोविड-19 मरीजों की सेवा का यथासंभव प्रयास कर रही हैं।’’

पीठ ने कहा, ‘‘आप बताएं कि आपने गत तीन दिन में दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन की आपूर्ति की।’’

इस मामले की सुनवाई अब भी जारी है।

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