देश की खबरें | राष्ट्रपति मुर्मू ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों से आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का अपील की

वलसाड, 13 फरवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को गुजरात में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों से अपील की कि वे खुद को और अपने बच्चों को शिक्षित बनाने तथा सरकारी कल्याण योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकसित करें।

मुर्मू ने दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले के धरमपुर में एक परिचर्चा के बाद पीवीटीजी के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि पीवीटीजी की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए शुरू की गयी ‘पीएम-जनमन योजना’ के तीन साल की निर्धारित समय सीमा से बहुत पहले अपने लक्ष्य को पूरा करने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपको आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। सरकार जो कुछ भी प्रदान कर रही है उसके लिए आपको धन्यवाद देना चाहिए, लेकिन आपको आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं प्रयास करना चाहिए। आपको आर्थिक रूप से मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकसित करने की दिशा में सोचना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि पीवीटीजी समुदाय को अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए, खुद को शिक्षित करना चाहिए और जीवन में प्रगति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकारी लाभ का इंतजार करने के बजाय सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

मुर्मू ने कहा कि भारत में 700 से अधिक जनजातीय समूह हैं, जिनमें से 75 पीवीटीजी हैं, जो सबसे पिछड़े हैं। मुर्मू ने कहा, ‘‘हम आदिवासियों को पिछड़ा कहते हैं, लेकिन पीवीटीजी उनमें से सबसे पिछड़े हैं।’’

उन्होंने कहा कि गुजरात को भारत के प्रगतिशील राज्यों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि देश में कई राज्य ऐसे हैं, जहां एक भी पीवीटीजी को कोई सरकारी लाभ नहीं मिला है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फैसला किया है कि यद्यपि भारत 'विश्व गुरु' बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन सरकार उन्हें जो योजनाएं प्रदान करती है वे उन तक नहीं पहुंच रही हैं। सरकार का इरादा था कि पीएम-जनमन योजना शुरू होने के तीन साल के भीतर पीवीटीजी को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ मिल जाए।’’

उन्होंने कहा कि तीन साल के लक्ष्य के विपरीत केवल तीन महीनों में ही बहुत सारा काम किया जा चुका है और समुदाय एक साल के भीतर इस योजना का पूरा लाभ उठा चुका होगा।

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