देश की खबरें | आंध्र में चुनाव बाद हिंसा मामला : मतगणना के बाद भी केंद्रीय बलों की 25 कंपनी तैनात रखने का निर्देश

नयी दिल्ली, 16 मई निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को चार जून को मतगणना के बाद भी केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां प्रदेश में तैनात रखने का निर्देश दिया।

आयोग ने चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को अपनी अप्रसन्नता व्यक्त की।

आयोग ने एक बयान में कहा कि उसने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऐसी हिंसा दोबारा न हो और सभी पुलिस अधीक्षकों को भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से ही उपाय करने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।

निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश में चुनाव के बाद सोमवार और मंगलवार को हुई हिंसा का संज्ञान लेते हुए घटनाओं को रोकने में प्रशासन की विफलता पर ‘‘व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण देने’’ के लिए राज्य के मुख्य सचिव के.एस. जवाहर रेड्डी और पुलिस महानिदेशक हरीश गुप्ता को बृहस्पतिवार को यहां ‘निर्वाचन सदन’ तलब किया था।

आयोग ने कहा, ‘‘हमने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी हिंसा को नियंत्रित करने के मद्देनजर गृह मंत्रालय को मतगणना के उपरांत 15 दिनों के लिए आंध्र प्रदेश में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 25 कंपनियों को तैनात रखने का निर्देश देने का फैसला किया है।’’

आयोग ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुरोध किया था कि चार जून को होने वाली मतगणना के बाद 15 दिनों तक केंद्रीय बलों को प्रदेश में तैनात रखा जाए।

आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में मंगलवार को चुनाव बाद हिंसा की सूचना मिली, जहां सोमवार को लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे।

सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और मुख्य विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेताओं ने घटनाओं के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

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