देश की खबरें | यात्रियों के डेटा गोपनीयता के वास्ते याचिकाकर्ता केंद्र को दे अभ्यावेदन : अदालत

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक याचिकाकर्ता को अपनी उस अर्जी पर केंद्र सरकार को अभ्यावेदन देने की सलाह दी, जिसमें उसने टिकट बुक करते वक्त यात्रियों के नाम, आधार एवं पासपोर्ट सहित व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए ट्रेवल कंपनियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) का निपटारा कर दिया और याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार को अभ्यावेदन देने को कहा।

अदालत ने केंद्र से यह भी कहा कि वह तर्कसंगत आदेश पारित करके अभ्यावेदन पर शीघ्रता से निर्णय ले।

पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाने की छूट के साथ याचिका का निपटारा किया जाता है। यदि कोई अभ्यावेदन दाखिल किया जाता है, तो उसे यथाशीघ्र कानून के अनुसार तर्कसंगत आदेश के माध्यम से तय किया जाना चाहिए।’’

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता एवं पेशे से वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका दायर करने से पहले केंद्र सरकार को कोई अभ्यावेदन नहीं दिया है।

याचिकाकर्ता ने कुछ कंपनियों का हवाला देते हुए कहा कि वे भारत में अपना परिचालन चला रहे हैं और आंशिक रूप से या पूरी तरह से चीनी निवेशकों के स्वामित्व में हैं और नागरिकों के डेटा के दुरुपयोग की आशंका है।

इसमें कहा गया है कि विदेशी ट्रेवल कंपनियां न केवल आम लोगों का, बल्कि सांसदों, मंत्रियों, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, रक्षाकर्मियों, नौकरशाहों और उनके परिवार के सदस्यों का भी डेटा एकत्र करती हैं।

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