देश की खबरें | कोविड-19 टीकाकरण के उम्र मापदंड में ढील के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय में बृहस्पतिवार को एक याचिका दाखिल कर कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए उम्र मापदंडों में ढील देने तथा प्रक्रिया में निजी क्षेत्रों की और भागीदारी की इजाजत के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में विधि के अंतिम वर्ष के एक छात्र द्वारा दाखिल याचिका में अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में घर-घर जाकर टीकाकरण सेवा शुरू करते हुए वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और समाज के कमजोर तबके के लोगों को लेकर एक नीति भी तय करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिकाकर्ता मृगांक मिश्रा की तरफ से पेश अधिवक्ता कौशल कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और दूसरी लहर को देखते हुए निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ टीकाकरण अभियान को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। इससे तेजी से और बड़े स्तर पर टीकाकरण होगा और नागरिकों का घर-घर जाकर टीकाकरण हो पाएगा।

याचिका में कहा गया है कि टीकाकरण अभियान की मौजूदा व्यवस्था के तहत को-विन पोर्टल पर समय लेने के बाद टीका लेने की सुविधा मिलती है और टीकाकरण स्थल पर पंजीकरण की सुविधा सीमित है तथा वहां लंबी-लंबी कतारें रहती है।

याचिका में कहा गया कि बिस्तर से नहीं उठ पाने वाले बुजुर्ग नागरिकों, दिव्यांग लोगों और समाज के कमजोर तबके के लोगों को फायदा नहीं हो रहा।

अधिवक्ता हर्ष आहूजा, आदित्य कपूर और आकाश दीप गुप्ता के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है, ‘‘कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि को देखते हुए टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों के संबंध में उम्र संबंधी पाबंदी में भी ढील दिए जाने की जरूरत है।’’

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