देश की खबरें | पद्म पुरस्कार पहले सरपरस्ती से मिलते थे : धनखड़

गुवाहाटी, 13 फरवरी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को दावा किया कि एक समय पद्म पुरस्कार "सरपरस्ती और कार्यक्रम प्रबंधन" (इवेंट मैनेजमेंट) से प्रेरित थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया में "परिवर्तनकारी बदलाव" देखे गए हैं।

धनखड़ ने असम के शीर्ष नागरिक पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि समाज की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाली 22 हस्तियों को बहुत पारदर्शी तरीके से राज्य का नागरिक सम्मान दिया गया है।

उन्होंने कहा, "हमने हाल के दिनों में देखा है कि हमने पद्म पुरस्कारों में परिवर्तनकारी बदलाव किए हैं। एक समय में सरपरस्ती प्रेरक शक्ति थी और ‘इवेंट मैनेजमेंट’ इसके पीछे था।"

धनखड़ ने कहा कि सरपरस्ती, मित्रता या यहां तक कि प्रबंधन के कारण प्राप्त पुरस्कार वास्तव में "पुरस्कार नहीं" है।

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विभिन्न क्षेत्रों के 22 लोगों को पुरस्कार सौंपे।

राज्य का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'असम वैभव' राज्यसभा सदस्य रंजन गोगोई को दिया गया। दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार 'असम सौरभ' चार लोगों को दिया गया, जबकि तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार 'असम गौरव' 17 लोगों को मिला।

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