नयी दिल्ली, 10 अगस्त गैर-शुल्क बाधाएं (एनटीबी) धीरे-धीरे वैध कपड़ा व्यापार को नुकसान पहुंचाने और यहां तक कि बाधित करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभर रही हैं। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एईपीसी ने कहा कि 2019 से कपड़ा क्षेत्र से संबंधित 131 एनटीबी अधिसूचनाएं जारी की गई हैं, जिसमें 71 अधिसूचनाओं के साथ युगांडा शीर्ष स्थान पर है।
इसके बाद इक्वाडोर (10), चीन (8), ताइवान (7), इजराइल (5), अमेरिका (4) और पेरू (3) का स्थान है।
इन बाधाओं में प्रमाणन, निरीक्षण, विनियम, मानक, एसपीएस (स्वच्छता और फाइटो-स्वच्छता - पौधों और जानवरों से संबंधित) उपाय और व्यापार में तकनीकी बाधाएं (टीबीटी) शामिल हैं।
ये उपाय कुल मिलाकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुरूप हैं।
परिषद ने कहा कि जब इन उपायों का गलत तरीके से उपयोग किया जाता है, तो वे वैध व्यापार में बाधा बन जाते हैं।
परिषद ने इस मुद्दे के बारे में उद्योग को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से परिधान निर्यात क्षेत्र में उभरती गैर-शुल्क बाधाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया।
एईपीसी के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा, ‘‘एनटीबी धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से वैध व्यापार को नुकसान पहुंचाने और यहां तक कि बाधित करने के एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरे हैं।’
उन्होंने कहा कि हाल ही में, यूरोपीय संघ जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं द्वारा विकासशील देशों से आयात को प्रतिबंधित करने के लिए नए तरीके तलाशे जा रहे हैं।
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