देश की खबरें | मप्र में ऑक्सीजन की आपूर्ति का संकट नहीं: मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल, आठ अप्रैल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के रोगियों के उपचार में उपयोग आने वाले ऑक्सीजन (मेडिकल) की आपूर्ति का संकट नहीं है।

प्रदेश में कोविड-19 पीड़ितों के उपचार में लगने वाले रेमडेसिविर टीके की कमी की खबरों व आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टीके की कमी को दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ ऑक्सीजन का कोई संकट नहीं है। मैंने गुजरात और केन्द्र सरकार से बात की है। भिलाई से हमें अतिरिक्त ऑक्सीजन मिल रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से बात की है। आज से टैंकर आने शुरू हो गये हैं।’’

चौहान ने कहा, ‘‘ प्रदेश में दवा की कोई कमी न हो यह सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाये जाएंगे। कल हमने सरकारी स्तर पर इंजेक्शन (रेमडेसिविर) खरीदने का निर्णय लिया है। यह एक सरकारी प्रक्रिया (टीका हासिल करने के लिये) है।’’

मुख्यमंत्री का यह बयान उन खबरों के बीच आया है कि प्रदेश में पिछले 24 घंटों में सागर में तीन और खरगोन में एक कोविड-19 मरीज की ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गयी।

इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अपने बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में विभिन्न जिलों में हुयी मौतें स्वाभाविक मौतें नहीं थीं। यह मौतें प्रदेश सरकार की लापरवाही की वजह से ऑक्सीजन की कमी के कारण हुईं।

माकपा के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘ दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की बजाय स्वास्थ्य आग्रह का नाटक कर रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण न केवल प्रदेश भर में कोविड मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि सरकारी संरक्षण में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी भी हो रही है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में जब कोविड की दूसरी लहर और भी तेजी से हमला कर रही है, तब प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने की बजाय अपने प्रचार और पाखंड पर पैसा खर्च कर जनता के जीवन को ही खतरे में डाल रही है।

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