देश की खबरें | वायनाड में राहुल गांधी के चुनाव प्रचार में किसी झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा: एम एम हसन

वायनाड (केरल), 13 अप्रैल केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यवाहक प्रमुख एम एम हसन ने शनिवार को यहां कहा कि वायनाड लोकसभा क्षेत्र में राहुल गांधी के चुनाव प्रचार के दौरान किसी झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

हसन ने कहा कि पर्वतीय निर्वाचन क्षेत्र में अगले सप्ताह होने वाले गांधी के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस या उसके सहयोगियों के किसी भी झंडे का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया गया है लेकिन उन्होंने यह फैसला लेने का कारण बताने से इनकार कर दिया।

संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के समन्वयक हसन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी के फैसले के पीछे का कारण मीडिया को बताने की जरूरत नहीं है।

हसन ने पत्रकारों द्वारा इस फैसले का कारण बार-बार पूछे जाने पर कहा, ‘‘यह कहना पर्याप्त है कि वायनाड में उनके प्रचार अभियान के दौरान किसी भी झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। केवल पार्टी के चुनाव चिह्नों का इस्तेमाल किया जाएगा।’’

केपीसीसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, गांधी 15 और 16 अप्रैल को वायनाड में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

बयान में कहा गया है कि वह आगामी सप्ताह में कन्नूर, त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम सहित विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों में जनसभाएं और रैलियां करेंगे।

राहुल गांधी के इस महीने की शुरुआत में वायनाड में रोड शो के दौरान कांग्रेस या उसके सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के झंडे का इस्तेमाल नहीं करने के पार्टी के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने उस पर निशाना साधा था।

माकपा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने झंडों का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया क्योंकि वह भाजपा से डरती है। भाजपा ने कहा था कि कांग्रेस ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि गांधी आईयूएमएल को लेकर असहज हैं।

कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा था कि माकपा और भाजपा करीबी दोस्त बन गए हैं। उसने कहा था कि उसे इस बात को लेकर किसी से सबक लेने की जरूरत नहीं है कि चुनाव प्रचार किस प्रकार करना है।

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