जरुरी जानकारी | सीएसआर गतिविधियों के तहत प्रभावी कार्यो को करने की जरूरत: वित्त राज्य मंत्री

नयी दिल्ली, 10 जून केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को मौजूदा दौर में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सीएसआर गतिविधियों में प्रभावी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

भारत में करीब आठ लाख पंजीकृत कंपनियां हैं जिनमें से लगभग 15,000 कंपनी अधिनियम, 2013 के सीएसआर नियम के तहत आती हैं। इसके तहत कंपनी को अपने लाभ का दो प्रतिशत हिस्सा सीएसआर गतिविधियों के लिए निर्धारित करना पड़ता है।

वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस साल की शुरुआत में सीएसआर से जुड़े कानूनों में बेहद जरूरी बदलाव किए थे जिनका उद्देश्य कार्यान्वन की प्रक्रिया को ज्यादा विस्तृत करना है।

उन्होंने 'इंस्टीट्यूट ऑफ डॉक्टर्स' द्वारा आयोजित एक आभासी कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, "हमें सीएसआर को बेहतर प्रभावी एजेंडा बनाने की जरूरत है। सीएसआर गतिशील, मापनीय और वहनीय है। सीएसआर के तहत हमने वास्तव में क्या प्रभाव डाला है, इसकी एक रिपोर्ट होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि सीएसआर कार्यों के लक्ष्यों और प्रभावों का आकलन होना चाहिये। इसके पीछे सामाजिक उद्देश्य होना चाहिये। इसका समाज पर कहां क्या प्रीााव पड़ा उसकी निगरानी होनी चाहिये।

ठाकुर ने साथ ही कहा कि लाभ कमाने और सामाजिक रूप से जिम्मेदार होने में कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएसआर जीवन जीने का तरीका है यह कंपनियों के लिये जनसंपर्क बढाने का काम नहीं हो सकता।

उन्होंने इसकी सराहना की कि कई कंपनियों ने महामारी के इस दौर में अपने सीएसआर कोष का हिस्सा प्रधानमंत्री के आपात स्थिति में नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स) में योगदान किया है।

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