देश की खबरें | सशस्त्र बलों की वर्दी की अनधिकृत बिक्री पर प्रतिबंध की मांग की नौसेना ने

कोच्चि, चार जुलाई केरल में कथित रूप से नौसेना का अधिकारी दिखने के लिए एक व्यक्ति द्वारा नौसेना की वर्दी या बैज का इस्तेमाल करने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भारतीय नौसेना ने शनिवार को कहा कि वह राज्य सरकार से प्रदेश में सशस्त्र बलों की वर्दी की अनधिकृत बिक्री पर पाबंदी की मांग करेगी।

नौसेना ने एक बयान में कहा कि अन्य लोगों द्वारा सैनिक का भेष रखना संज्ञेय अपराध है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को सख्त कदमों का सामना करना होगा ताकि राष्ट्रविरोधी तत्वों को गुप्त इरादों से इन तरीकों का इस्तेमाल करने से रोका जा सके जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हैं।

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नौसेना ने कहा कि कच्छ (गुजरात) और श्रीनगर के जिला प्रशासनों और पंजाब सरकार ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत सशस्त्र बलों की वर्दी की अनधिकृत बिक्री पर रोक के लिए आदेश जारी किये थे।

बयान में कहा गया, ‘‘भारतीय नौसेना केरल में सशस्त्र बलों की अनधिकृत बिक्री पर पाबंदी के लिए ऐसे ही एक मामले को केरल सरकार के समक्ष उठा रही है।’’

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पुलिस ने यहां कुछ दिन पहले 23 साल के एक शख्स को गिरफ्तार किया था जो कथित तौर पर भारतीय नौसेना का अधिकारी बनकर घूम रहा था।

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के राजा नाथ को नौसेना की एक गुप्त सूचना पर एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। सूचना मिली थी कि यह शख्स नौसेना की वर्दी में जगह-जगह घूम रहा है।

उसने कथित तौर पर टिकटॉक ऐप पर भी नौसेना का अधिकारी बनकर वीडियो डाले थे।

पिछले साल अक्टूबर में यहां पहुंचा नाथ यहां थेवरा में एक अपार्टमेंट में रहता था।

उसने कोच्चि में वर्दी सिलवाई थी।

पुलिस ने बताया कि भारतीय नौसेना के अधिकारी का भेष रखने के मामले में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 140 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसके घर से नौसेना की वर्दियां और बैज जब्त किये गये हैं।

बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पहले भी थेवरा थाने में इस तरह की एक घटना सामने आई थी।

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