देश की खबरें | मप्र : बालिका वधू बनने से बची 16 वर्षीय लड़की, प्रशासन ने रुकवाई शादी

इंदौर, 20 मई मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में शुक्रवार को प्रशासन ने वक्त रहते कमद उठाकर 16 साल की लड़की का बाल विवाह रोक दिया। बाल विवाह के खिलाफ महिला और बाल विकास विभाग के गठित उड़नदस्ते के प्रभारी महेंद्र पाठक ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हातोद के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय लड़की की शादी एक व्यक्ति से 25 मई को होने वाली थी और इसकी रस्में पहले ही शुरू हो चुकी थीं।

पाठक ने बताया कि लड़की को पढ़ने-लिखने की उम्र में शादी के बंधन में बांधने की तैयारी की सूचना पर प्रशासन का दल पुलिसकर्मियों के साथ उसके घर पहुंचा।

उन्होंने बताया कि कानूनी कार्रवाई की चेतावनी पर लड़की के परिजन ने प्रशासन को हलफनामा दिया कि वे तब तक उसकी शादी नहीं करेंगे, जब तक वह पूरे 18 साल की नहीं हो जाती।

गौरतलब है कि देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है, जो कानूनन अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है।

हर्ष

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)