जरुरी जानकारी | कृषि मंत्रालय ने शहद के स्रोत का पता लगाने के लिए पोर्टल शुरु किया

नयी दिल्ली, सात अप्रैल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को, सरकार के शहद की गुणवत्ता और मिलावट रोकना सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों के मूल स्रोत की पहचान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल का उद्घाअन किया।

एक बयान में कहा गया है कि मंत्री ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'मधुक्रांतिपोर्टल' का उद्घाटन किया, जो नेशनल मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) के तहत राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड(एनबीबी) की एक पहल है।

उन्होंने नाफेड के 'हनी कॉर्नर' की भी पेशकश की, जो विशेष रूप से शहद की बिक्री का स्थान हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘ शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत करने के लिए के स्रोत का पता लगाने के उद्देश्य से इस पोर्टल को विकसित किया जा रहा है।’’

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास के लिए तकनीकी और बैंकिंग भागीदार, इंडियन बैंक है। इस परियोजना के लिए एनबीबी और इंडियन बैंक के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस पेशकश के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए, तोमर ने कहा कि शहद मिशन से किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

पहले चरण में बुधवार को मधुमक्खी पालकों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया, इसके बाद इस व्यापार में अन्य अंशधारकों का पंजीकरण किया गया।

दूसरे चरण में देश में शहद के व्यापार में सभी बिक्री लेनदेन, एक मोबाइल ऐप के माध्यम से कैप्चर किए जाएंगे, जो उसके स्रोत का पता लगाने के संदर्भ में अपेक्षित परिणाम दे सकें।

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