देश की खबरें | मेघालय के युवक की गोलपाड़ा पुनर्वास केंद्र में मौत : संगमा ने हिमंत से किया जांच का अनुरोध

शिलांग/गुवाहाटी, 10 जुलाई मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने अपने राज्य के एक युवक की पड़ोसी राज्य असम के गोलपाड़ा जिले के एक पुनर्वास केंद्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच कराने का अनुरोध करते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को एक पत्र लिखा है।

असम पुलिस द्वारा दो जुलाई को गिरफ्तार किया गया निकसमसेंग सी मारक दो दिन बाद ‘न्यू लाइफ फाउंडेशन सेंटर’ में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया।

घटना के बाद असम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए मामले के संबंध में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को लिखे पत्र में संगमा ने घटना के संबंध में आ रहीं विरोधाभासी खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की।

संगमा ने कहा, ‘‘मैं परेशान करने वाली घटना के संबंध में सावधानी के साथ जांच और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता के लिए आपका ध्यान आकर्षित कर रहा हूं। मृतक के परिजनों ने बताया कि केंद्र के अधिकारियों ने शुरू में आत्महत्या का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना बयान बदलकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि शव पर गंभीर चोटों के निशान थे, चेहरे के बांयी ओर चाकू का गहरा घाव, जलने के निशान, ठोडी, कूल्हे और पैरों पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चोटों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि निकसमसेंग को पुनर्वास केंद्र में निर्ममता से प्रताड़ित किया गया था।’’

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि मृतक के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

मारक और दो अन्य लोगों को कृष्णाई पुलिस ने मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया था।

गोलपाड़ा के पुलिस अधीक्षक नबनीत महंत ने ‘पीटीआई ’ को बताया, ‘‘शुरूआत में यह आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन हमें सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि मृतक के साथ मारपीट की गई थी। हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया।’’

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