देश की खबरें | लोकसभा चुनाव: टिकटों में बड़ा हिस्सा, ‘ट्रांस शक्ति’ की पहचान चाहता है ट्रांसजेंडर समुदाय

नयी दिल्ली, 23 फरवरी ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य उनकी आवाज सुने जाने की उम्मीद में आगामी लोकसभा चुनावों में टिकटों में उन्हें बड़ी हिस्सेदारी देने और 'ट्रांस शक्ति' को पहचाने जाने की मांग कर रहे हैं।

देश के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों में से एक से संबंधित ज्यादातर ट्रांसजेंडर लोग राजनीति में शामिल होने से कतराते हैं। हालांकि मीरा परिदा, बॉबी किन्नर और चंद्रमुखी मुव्वाला जैसे नेता समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं।

समुदाय के सदस्यों को उम्मीद है कि अधिक राजनीतिक दल आम चुनावों के लिए ट्रांसजेंडर लोगों को टिकट देंगे।

समुदाय के सदस्यों ने कहा कि ‘नारी शक्ति’ (महिला सशक्तीकरण) के विमर्श को आगे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि ‘ट्रांस शक्ति’ को भी उचित मान्यता और प्रतिनिधित्व मिल सके। समुदाय के सदस्यों को उम्मीद है कि अधिक राजनीतिक दल आम चुनावों के लिए ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को टिकट देंगे।

मायाधर परीदा के तौर पर पैदा हुईं बीजू महिला जनता दल की उपाध्यक्ष मीरा परीदा ने अफसोस जताया कि कैसे आजादी के 75 साल बाद भी ट्रांस समुदाय के सदस्यों से दिन में किनारा किया जाता है और रात में उनका शोषण किया जाता है।

अपने परिवार के सदस्यों से वर्षों तक उपहास झेलने के बाद 12 साल की उम्र में घर छोड़ने वाली परीदा ने कहा, “अगर पार्टी मुझे जिम्मेदारी सौंपने का फैसला करती है तो मैं विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।”

परीदा ने कहा कि उन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया है और यथास्थिति को चुनौती देने के लिए दृढ़ संकल्पित थीं। इसलिए, उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यों में व्यस्त कर लिया और अंततः राजनीति में अपनी आवाज बुलंद की।

आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली नगर निगम की पहली ट्रांसजेंडर पार्षद किन्नर ने देश की राजनीति में ट्रांसजेंडर लोगों के प्रतिनिधित्व और समावेश की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ को बताया, “कुछ साल पहले, लोग सोचते थे कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति कुछ नहीं कर सकते; वैसे यह सत्य नहीं है। जो काम स्त्री-पुरुष कर सकते हैं, वही हम भी कर सकते हैं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)