देश की खबरें | केरल में एलडीएफ, यूडीएफ ने सत्ता में आने का किया दावा

तिरुवनंतपुरम, सात अप्रैल केरल में विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के एक दिन बाद बुधवार को माकपा नीत एलडीएफ और उसके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ ने सरकार बनाने का दावा किया, जबकि भाजपा नीत राजग ने एक प्रमुख तीसरा मोर्चा बनने की उम्मीद जताई।

15वीं केरल विधानसभा के लिए 140 सीटों पर मतदान मंगलवार को हुआ।

चुनाव आयोग द्वारा प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 74.02 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान प्रतिशत को लेकर अंतिम रिपोर्ट जारी होना बाकी है।

एलडीएफ संयोजक और माकपा के राज्य प्रभारी सचिव ए विजयराघवन ने मीडिया को बताया कि वाम मोर्चा इस बार अधिक सीटें हासिल करेगा।

विजयराघवन ने कहा, "वाम लोकतांत्रिक मोर्चा पिछली बार की तुलना में अधिक सीटें हासिल करेगा। कांग्रेस-गठबंधन को इस बार सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ेगा। एलडीएफ सत्ता में बरकरार रहेगा।"

पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि सिर्फ विकास कार्यों पर केंद्रित अभियान चलाने और विवादों से बचने के कारण वाम मोर्चे को वोट हासिल करने में मदद मिली।

पर्यटन मंत्री के. सुरेन्द्रन ने दावा किया कि तिरुवनंतपुरम जिले में वाम मोर्चे को उम्मीद से अधिक वोट मिले। सुरेंद्रन ने कजाकूटम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जहाँ भाजपा ने अपने फायरब्रांड नेता शोभा सुरेंद्रन को मैदान में उतारा है।

उन्होंने कहा कि परिणाम सामने आने के बाद, यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य के लोगों के लिए सबरीमला मुद्दा नहीं है, बल्कि विकास और कल्याण मुद्दा है।

सबरीमला मुद्दा पूरे चुनाव और मतदान के दिन भी गूंजता रहा।

दूसरी ओर, यूडीएफ के नेता कह रहे हैं कि उनका गठबंधन पर्याप्त सीटें हासिल करके सत्ता में वापसी करेगा क्योंकि "लोगों ने यूडीएफ के समर्थन में और एलडीएफ के जन-विरोधी शासन के खिलाफ वोट दिया है।"

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने हरिपद में मीडिया से कहा, "हमारे द्वारा लगाए गए सभी आरोप सही हैं और लोगों को यह पता है। लोगों के मतदान के रुझान से पता चलता है कि उन्हें विपक्ष पर भरोसा है, जिसने सरकार में भ्रष्टाचार और घोटालों को उजागर किया है।"

भाजपा की अगुवाई वाला राजग पिछली बार की तुलना में राज्य में कम से कम एक से तीन सीटें हासिल करने की उम्मीद कर रहा है।

भाजपा के प्रदेश प्रमुख के सुरेन्द्रन ने कोझीकोड में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हम चुनाव परिणाम आने के बाद केरल की राजनीति में एक प्रमुख ताकत के रूप में सामने आएंगे। विधानसभा में हमारी क्षमता बढ़ेगी।"

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