देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने धार्मिक स्थलों पर निर्धारित अवधि के बाद पटाखे फोड़ने पर पाबंदी के आदेश पर रोक लगाया
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कोच्चि, सात नवंबर, केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मंगलवार को धार्मिक स्थलों पर निर्धारित अवधि के बाद (विषम समय में) पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने के अपने पूर्व के आदेश में आंशिक रूप से संशोधन कर दिया और कहा कि इसकी अनुमति उच्चतम न्यायालय के पूर्व के निर्देश के आधार पर दी जा सकती है।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जिला कलेक्टर स्थिति के आधार पर अनुमति दे सकते हैं।
उच्च न्यायालय ने धार्मिक स्थलों पर छापेमारी करने और ‘अवैध रूप से संग्रहीत पटाखों’ को जब्त करने के आदेश पर भी रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार सहित विभिन्न हितधारकों द्वारा दायर अपील पर विचार किया।
न्यायमूर्ति अमित रावल ने तीन नवंबर को धार्मिक स्थलों पर निर्धारित अवधि के बाद पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था और कहा था कि किसी भी पवित्र ग्रंथ में ऐसा कोई आदेश नहीं है जो भगवान को प्रसन्न करने के लिए पटाखे फोड़ने का निर्देश देता हो।
राज्य सरकार ने आज अदालत को सूचित किया कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक पटाखे फोड़ने पर पहले से ही प्रतिबंध है। सरकार ने यह भी बताया कि त्योहारों के दौरान कुछ छूट दी गई है।
अदालत ने कहा कि जिला कलेक्टर स्थिति का विश्लेषण करने के बाद अनुमति दे सकते हैं।
राज्य सरकार ने निर्धारित अवधि के बाद पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने के उच्च न्यायालय के आदेश के तुरंत बाद कहा था कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी।
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