देश की खबरें | न्यायाधीशों को सेवानिवृत्त होना चाहिए ताकि आगामी पीढ़ियां पुराने विधि सिद्धांतों को बदल सकें: सीजेआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों को सेवानिवृत्त होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अतीत की गलतियों को उजागर करे और समाज के विकास के लिए कानूनी सिद्धांतों में बदलाव कर सकें।

नयी दिल्ली, चार नवंबर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों को सेवानिवृत्त होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अतीत की गलतियों को उजागर करे और समाज के विकास के लिए कानूनी सिद्धांतों में बदलाव कर सकें।

‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि अमेरिकी संविधान में न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं है, लेकिन भारत में न्यायाधीश एक विशेष उम्र के बाद सेवानिवृत्त हो जाते हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमने एक मॉडल का पालन किया है जहां न्यायाधीश सेवानिवृत्त होते हैं, लेकिन 23 वर्षों से सिस्टम में रहते हुए, मेरी राय अलग है।’’

उन्होंने कहा कि एक तरह से न्यायाधीशों को सेवानिवृत्त होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मानकर इंसान पर काफी ज्यादा जिम्मेदारी देना अधिक होगा कि वह चूक नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायाधीश इंसान होते हैं, जिनसे गलतियां होने की संभावना होती है और समाज विकसित होता रहता है। आपको यह दायित्व आने वाली पीढ़ियों को सौंपना चाहिए, जो अतीत की त्रुटियों को इंगित करने और समाज के विकास के लिए कानूनी सिद्धांतों में बदलाव करने में सक्षम होंगी।’’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘क्योंकि भारतीय संदर्भ में, अनिर्वाचित न्यायाधीशों के आजीवन पद पर नहीं रहने को लेकर काफी सोच समझकर भारतीय संविधान में व्यवस्था की गई। इसलिए कि कानूनी सिद्धांतों में बदलाव के लिए परिवर्तन की गुंजाइश हो।’’

वर्तमान में, भारत में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु निचली अदालतों में 60 वर्ष, उच्च न्यायालयों में 62 वर्ष और उच्चतम न्यायालय में 65 वर्ष है।

एक संसदीय समिति ने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के कार्यकाल को मौजूदा सेवानिवृत्ति की उम्र से आगे बढ़ाने के लिए एक प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली की सिफारिश की थी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)-दो सरकार के दौरान, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु को शीर्ष अदालत के बराबर लाने के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया था, लेकिन यह कभी चर्चा के लिए नहीं आया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

KKR vs MI, IPL 2026 65th Match Live Toss And Scorecard: ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Pune Lift Accident: सिंहगढ़ रोड की इमारत में बड़ा हादसा, लिफ्ट में फंसने से 7 वर्षीय मासूम की मौत (Watch Video)

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

KKR vs MI, IPL 2026 65th Match Toss Winner Prediction: ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम मुंबई इंडियंस के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी