देश की खबरें | जेएनयू आम सभा ने छात्रसंघ चुनाव लड़ने के लिए आयु सीमा दो साल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित

नयी दिल्ली, 13 फरवरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की आम सभा ने छात्रसंघ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा दो साल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।

विश्वविद्यालय द्वारा सोमवार रात जारी किए गए दस्तावेज के अनुसार, यह कदम आयु मानदंडों को पूरा न करने वाले छात्रों को आगामी जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान करेगा जो कोविड-19 महामारी के कारण रुक गया था।

यह निर्णय सोमवार को विश्वविद्यालय की आम सभा की बैठक (यूजीबीएम) के दौरान लिया गया, जिसमें सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्धारित आयु सीमा को दो साल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया।

संबंधित दस्तावेज में कहा गया, ‘‘2019-20 के शैक्षणिक सत्र के बाद लगातार चार वर्षों से जेएनयूएसयू चुनाव नहीं हुआ है, जिससे लिंगदोह समिति की सिफारिशों द्वारा निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके छात्र चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के अधिकार से वंचित हो गए हैं।’’

लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार, जेएनयूएसयू स्नातक उम्मीदवार के लिए निर्धारित आयु सीमा 17 से 22 वर्ष, स्नातकोत्तर उम्मीदवार के लिए 25 वर्ष और पीएचडी उम्मीदवार के लिए 30 वर्ष है।

दस्तावेज के मुताबिक, यह निर्णय "यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि जेएनयूएसयू चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित छात्रों को 2023-24 में जेएनयूएसयू चुनाव लड़ने का अवसर मिल सके।"

आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वाम समर्थित समूहों के बीच झड़पों की वजह से बाधित होने के बाद यूजीबीएम सोमवार को फिर से हुई।

बैठक में स्कूल-स्तरीय समिति में निर्वाचित काउंसिलर की अनुपस्थिति में स्कूली आम सभा की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए दो जेएनयूएसयू पदाधिकारियों को शामिल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। स्कूल जीएमबी चुनाव आयोग के सदस्यों का चुनाव करेगी जिसे जेएनयूएसयू का चुनाव परिणाम घोषित करने का काम सौंपा गया है।

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