देश की खबरें | झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को छह दिन के लिए ईडी की रिमांड पर भेजा गया

रांची, 16 मई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को बृहस्पतिवार को छह दिनों के लिए केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। वकीलों ने यह जानकारी दी।

ईडी ने आलम के लिए 10 दिन की रिमांड मांगी थी।

आलम के वकील किशलय प्रसाद ने कहा कि मंत्री की छह दिन की रिमांड शुक्रवार से शुरू होगी।

प्रसाद ने कहा, ''आज, वह न्यायिक हिरासत में हैं। आलम के खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप नहीं हैं। सब कुछ अस्पष्ट है। उन्होंने (ईडी) न तो किसी ऐसे व्यक्ति के नाम का खुलासा किया, जिसने पैसे लिये हैं और न ही अपराध किसने किया, इसका जिक्र है। मंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं। नकदी किसी जहांगीर के पास से बरामद हुई है और उसका आलमगीर आलम से कोई लेना-देना नहीं है।''

आलम के वकील ने ईडी की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए अदालत में 70 वर्षीय मंत्री की स्वास्थ्य स्थिति का भी हवाला दिया।

प्रसाद ने कहा, ''उन्हें (आलम) सोते समय सांस लेने में दिक्कत (नींद विकार) की समस्या है, जिसकी वजह से रात के वक्त उनका ऑक्सीजन स्तर गिर जाता है। इसलिए उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है। बुधवार रात को ईडी की हिरासत के दौरान भी आलम के परिवार ने यह सहायता प्रदान की थी। आलम को उच्च रक्तचाप और मधुमेह की भी शिकायत है।''

उन्होंने कहा कि अदालत ने रिमांड की अवधि के दौरान जरूरी चिकित्सा सहायता देने को मंजूरी दी।

ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दिन में मंत्री को कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच रांची में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के मामलों से संबंधित अदालत में पेश किया गया था।

आलम को ईडी ने बुधवार को कार्यालय में छह घंटे की पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया था।

एजेंसी ने मंगलवार को भी आलम से नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी और उनके बयान दर्ज किए थे।

आलमगीर आलम झारखंड की पाकुड़ सीट से विधायक हैं और वह राज्य सरकार में संसदीय मामलों के मंत्री हैं।

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