देश की खबरें | इसरो के पोलिक्स उपकरण ने वैज्ञानिक अवलोकन शुरू किया

बेंगलुरु, 13 फरवरी एक्स-रे पोलरिमेट्री मिशन एक्सपोसेट पर मौजूद भारतीय एक्स-रे पोलरिमीटर (पोलिक्स) ने अपना वैज्ञानिक अवलोकन शुरू कर दिया है। एक जनवरी को इसकी शुरुआत की गई थी।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार को बताया कि क्रैब पल्सर की एक पल्स प्रोफाइल 15-18 जनवरी के दौरान पोलिक्स द्वारा किए गए अवलोकनों से उत्पन्न हुई है। चमकता तारा क्रैब पल्सर क्रैब नेबुला के केंद्र के पास रहता है और प्रति सेकंड लगभग 30 बार अपनी धुरी पर घूमता है।

पोलिक्स पेलोड को 10 जनवरी तक दो चरणों में सक्रिय किया गया था और प्रारंभिक स्कैन अवलोकन क्रैब पल्सर के आसपास आयोजित किए गए थे। इस संबंध में डेटा 15-18 जनवरी के दौरान एकत्र किया गया था और पुष्टि के लिए पूरी तरह से समीक्षा की गई थी। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि डेटा उम्मीदों के अनुरूप है।

इसरो ने कहा, ‘‘यह प्रारंभिक अवलोकन पोलिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो पल्सर, ब्लैक होल और अन्य खगोलीय स्रोतों के अध्ययन के लिए इसकी कार्यक्षमता को प्रदर्शित करता है।’’

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, ‘‘इस ऊर्जा बैंड में डेटा की पेशकश करने वाले एकमात्र पेलोड के रूप में, पोलिक्स गहरी जानकारी प्रदान करने और खगोलीय एक्स-रे स्रोतों से जुड़ी भौतिक प्रक्रियाओं को समझने में योगदान देने के लिए तैयार है।’’

पोलिक्स का डिजाइन और विकास रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु में एक्स-रे खगोल विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा किया गया था। यह उपकरण भारतीय उद्योग के सहयोग से स्वदेशी रूप से बनाया गया है।

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