देश की खबरें | अंक देने में अनियमितता; दसवीं कक्षा के छात्रों की याचिका पर ओडिशा के स्कूल को शीर्ष अदालत का नोटिस

नयी दिल्ली, 17 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को ओडिशा के एक निजी स्कूल से 24 छात्रों की उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संस्थान ने अवैध रूप से पैसे की मांग की और कक्षा 10 में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उसी स्कूल में 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने के वास्ते अनुचित दबाव डाला।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने छात्रों के वकील की दलील पर गौर किया और सेंट जेवियर इंटरनेशनल स्कूल, भुवनेश्वर को नोटिस जारी किया।

पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी कीजिए। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा है कि इस अदालत द्वारा दी गई स्वतंत्रता के संदर्भ में, याचिका की एक प्रति प्रतिवादियों को दी गई है। प्रतिवादी 3 (स्कूल) की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ है। तदनुसार, नोटिस जारी किया जाता है, जिसका जवाब 14 फरवरी को दिया जाना चाहिए।’’

इससे पहले, न्यायालय संबंधित याचिका पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और केंद्र को भी नोटिस जारी कर चुका है।

वकील ममता शर्मा के माध्यम से शुभाशीष बेहरा सहित छात्रों द्वारा दायर याचिका में कथित तौर पर पैसे की मांग करने और दसवीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उसी स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लेने के वास्ते अनुचित दबाव डालने को लेकर स्कूल के खिलाफ जांच का आग्रह किया गया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जो छात्र उसी विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए स्कूल के निर्देश पर सहमत हुए और जिन्होंने मांगी गई राशि का भुगतान किया, उन्हें बहुत अच्छे अंक दिए गए तथा जो छात्र सहमत नहीं थे, उनके अंक मनमाने ढंग से और अवैध रूप से काटे गए।

छात्रों ने स्कूल को उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने संबंधी निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया है। उन्होंने सीबीएसई को उसकी मूल्यांकन नीति का पालन नहीं करने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)