जरुरी जानकारी | आईओसीएल, आर्सेलरमित्तल को एस्सार स्टील विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता की अनुमति मिली

नयी दिल्ली, 12 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और आर्सेलरमित्तल को एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड (ईएसआईएल) से संबंधित विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दे दी।

आईओसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया लिमिटेड (एएमएनएसआईएल) का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और अभिषेक सिंघवी ने पीठ से अनुरोध किया था कि वे मध्यस्थता के लिए जाना चाहते थे।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने पांच फरवरी को याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मध्यस्थता की अनुमति देते हुए पीठ ने आईओसी और आर्सेलरमित्तल से एक सप्ताह के भीतर दो मध्यस्थों को नामित करने को कहा। फिर दोनों मध्यस्थ विवाद को सुलझाने के लिए एक तीसरे मध्यस्थ को नामित करेंगे।

पीठ ने कहा, ‘‘पक्षों के बीच एक सप्ताह के भीतर दो मध्यस्थों को नामित करने पर सहमति हुई है। इस प्रकार नियुक्त दो मध्यस्थ तीसरे मध्यस्थ को नामित करेंगे। पक्षों के समझौते के मद्देनजर, दिल्ली उच्च न्यायालय का 10 अक्टूबर, 2023 का फैसला निष्फल हो गया है।''

पीठ ने कहा कि विवाद की मध्यस्थता समेत सभी पक्षों की सभी दलीलें न्याय निर्णय के अधीन रहेंगे।

आईओसी और एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड ने 2009 में गैस आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, हालांकि एस्सार स्टील ने 2017 में समझौता समाप्त कर दिया गया था। आईओसी ने इस फैसले को चुनौती दी।

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