देश की खबरें | भविष्य में भारत की उन्नति और विकास के लिए शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण आवश्यक : प्रधान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को शिक्षा के ‘अंतरराष्ट्रीयकरण’ पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में भारत की उन्नति और विकास के लिए यह आवश्यक है।

गांधीनगर, सात नवंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को शिक्षा के ‘अंतरराष्ट्रीयकरण’ पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में भारत की उन्नति और विकास के लिए यह आवश्यक है।

प्रधान ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (गिफ्ट सिटी) में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों डीकिन और वॉलोन्गॉन्ग के बनने वाले परिसरों के स्थान का दौरा करने के बाद, अपने संबोधन में यह बात कही। उनके साथ उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष जैसन क्लेर भी मौजूद थे।

प्रधान ने कहा कि देश की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप ऑस्ट्रेलिया के दो विश्वविद्यालय गिफ्ट सिटी में अपने-अपने अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित कर रहे हैं जो शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण और भारत में प्रख्यात शिक्षण संस्थानों की उपस्थिति को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार होगा बल्कि वैश्विक संदर्भ में विद्यार्थी भी सशक्त होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भविष्य में भारत के विकास और उन्नति के लिए शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण आवश्यक है। इससे भारतीय विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा सुलभ होगी और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे जिससे उन्हें अन्य देशों से अंतर को पाटने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को नए विचारों से अवगत होने और देश की संभावित सांस्कृतिक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।’’

भारत में अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करने वाले डीकिन और वॉलोन्गॉन्ग पहले विश्वविद्यालय हैं। दोनों विश्वविद्यालयों ने अगले साल जुलाई से पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की। डीकिन ने मंगलवार से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की।

ऑस्ट्रेलिया के शिक्षामंत्री क्लेर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत अलग-अलग देश हैं और उनके समक्ष अलग-अलग चुनौतियां हैं लेकिन वे इस दृष्टिकोण को साझा करते हैं कि दोनों शिक्षा के महत्व को समझते हैं।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय भारत की नयी शिक्षा नीति की परिवर्तनकारी ताकत में योगदान दे रहे हैं।

इस अवसर पर डीकिन विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रमों और उनके शुल्क की घोषणा की। विश्वविद्यालय के कुलपति इयान मार्टिन के मुताबिक, संस्थान साइबर सुरक्षा और कारोबार विश्लेषण में परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू करेगा और इसके लिए सालाना फीस 10.7 लाख रुपये होगी। आवेदन की तारीख 31 मार्च 2024 होगी और पढ़ाई एक जुलाई 2024 को शुरू होगी।

वॉलोन्गॉन्ग विश्वविद्यालय की कुलपति पैट्रीशिया डेविडसन ने वैश्विक वित्त केंद्र और वैश्विक वीमेन फिनटेक कॉरपोरेशन की घोषणा की जिसका उद्देश्य नेटवर्क और प्रायोजित करने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पहले पाठ्यक्रम की पढ़ाई अगले साल जुलाई से होगी।

गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तपन रे ने बताया कि पांच से सात साल के भीतर गिफ्ट सिटी में 64 बहुमंजिला इमारतें होंगी जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय वित्त केंद्र होने का एहसास होगा।

उन्होंने बताया कि गिफ्ट सिटी को कुल 4.4 करोड़ वर्ग फुट में विकसित करने की योजना बनाई गई है जिसमें से 2.2 करोड़ फुट में वाणिज्यिक, रिहायशी और सामाजिक अवसंरचना का विकास किया जाएगा।

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