जरुरी जानकारी | भारत की बिजली मांग 2025 में चार प्रतिशत बढ़ने का अनुमान: आईईए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने कहा है कि इस साल भारत में बिजली की मांग में मामूली चार प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है। वर्ष की पहली छमाही में गर्मी अपेक्षाकृत कम पड़ने से खपत में कमी आई है और अधिकतम मांग सितंबर में आ सकती है।

नयी दिल्ली, 30 जुलाई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने कहा है कि इस साल भारत में बिजली की मांग में मामूली चार प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है। वर्ष की पहली छमाही में गर्मी अपेक्षाकृत कम पड़ने से खपत में कमी आई है और अधिकतम मांग सितंबर में आ सकती है।

आईईए ने बिजली पर अपनी छमाही रिपोर्ट में कहा कि वैश्विक बिजली की मांग 2025-26 में पिछले अनुमान और पिछले दशक की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। हालांकि चीन और भारत में बिजली की मांग इस साल 2024 में तीव्र वृद्धि के मुकाबले धीमी गति से बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘पिछले साल छह प्रतिशत की वृद्धि के बाद, इस वर्ष भारत में बिजली की मांग में चार प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।’’

आईईए ने अनुमान लगाया है कि 2025 में चीन की खपत पांच प्रतिशत बढ़ेगी, जो पिछले वर्ष के सात प्रतिशत से कम है। हालांकि, अकेले चीन की वैश्विक बिजली मांग वृद्धि में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जैसा कि 2024 में हुआ था।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत में, औद्योगिक गतिविधियों पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और 2024 की तुलना में कम गर्मी पड़ने के कारण 2025 की पहली छमाही में बिजली की मांग में सालाना आधार पर 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष की बची हुई अवधि में मांग में और अधिक वृद्धि होने का अनुमान है और इसमें चार प्रतिशत वृद्धि की संभावना है।

आईईए ने 2026 में 6.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसका कारण उद्योग और सेवा क्षेत्रों में मजबूत गतिविधियां और एसी की बढ़ती संख्या है।

पेरिस स्थित एजेंसी ने विद्युत मंत्रालय के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि अधिकतम मांग 270 गीगावाट (सालाना आठ प्रतिशत की वृद्धि) तक पहुंच सकती है। यह इस साल गर्मियों के बजाय सितंबर में स्थानांतरित हो सकती है। हालांकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि से इस मांग को पूरा किये जाने का अनुमान है।’’

आईईए ने उत्पादन के संबंध में कहा कि सौर पीवी और पवन ऊर्जा का संयुक्त उत्पादन 2025 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत अधिक रहा। कुल बिजली उत्पादन में इनकी हिस्सेदारी 14 प्रतिशत रही जो 2024 की पहली छमाही में 11 प्रतिशत थी।

सौर पीवी उत्पादन में 25 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पनबिजली के क्षेत्र में 2024 के मध्य से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के परिणामस्वरूप जनवरी और जून के बीच जलविद्युत उत्पादन में सलाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन की 700 मेगावाट की इकाई-सात सहित मार्च में उत्तरी ग्रिड से जुड़ी अतिरिक्त क्षमता ने इसी अवधि में परमाणु ऊर्जा उत्पादन में 14 प्रतिशत की वृद्धि में योगदान दिया।

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