जरुरी जानकारी | मुफ्त वितरण के लिये दान स्वरूप मिलने वाली आयातित कोविड राहत सामग्री को आईजीएसटी से छूट

नयी दिल्ली, तीन मई सरकार ने देश में मुफ्त वितरित करने के लिये दान स्वरूप या बिना लागत के प्राप्त आयातित कोविड संबंधित राहत सामग्रियों पर एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) से 30 जून तक छूट देने की सोमवार को घोषणा की। इस पहल से परमार्थ संगठनों समेत अन्य संस्थानों द्वारा ऐसे आयातित सामानों के लिये सीमा शुल्क विभाग से मंजूरी मिलने में तेजी आएगी।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार को भारत से बाहर के कई परमार्थ संगठनों, कॉरपोरेट इकाइयों और अन्य संगठनों/इकाइयों से देश में मुफ्त वितरण के लिये आयातित, दान स्वरूप या बिना लागत के प्राप्त कोविड-19 राहत सामग्रियों पर आईजीएसटी से छूट के अनुरोध मिले थे।

बयान के अनुसार, ‘‘इसके अनुसार, केंद्र सरकार ने देश में मुफ्त वितरण के लिये आयातित और बिना लागत के प्राप्त कोविड राहत सामग्रियों पर आईजीएसटी से छूट की मंजूरी दी है। यह छूट 30 जून तक लागू रहेगी।’’

यह छूट उन वस्तुओं पर भी मिलेगी, जो अब तक सीमा शुल्क बंदरगाहों पर मंजूरी नहीं मिलने के कारण पड़ी हुई है।

इस निर्णय के बाद नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, राजस्व सचिव तरूण बजाज और अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन अजीत कुमार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से बात की और कोविड राहत सामग्रियों पर सीमा शुल्क तथा आईजीएसटी से छूट देने के बारे में जानकारी दी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विटर पर लिखा कि आईजीएसटी छूट के सोमवार के आदेश के तुंरत बाद उसके बारे में मुख्य सचिवों को जानकारी दी गयी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे परमार्थ संगठनों और अन्य के लिये मंजूरी में तेजी आएगी।’’

उल्लेखनीय है कि सरकार पहले ही रेमडेसिविर इंजेक्शन और उसमें उपयोग होने वाले मुख्य रसायन (एपीआई), चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर, क्रायोजेनिक ट्रांसपोर्ट टैंक तथा कोविड टीकों जैसे सामानों के आयात पर सीमा शुल्क से छूट की घोषणा कर चुकी है।

राहत सामग्रियों के मुफ्त वितरण के लिये आईजीएसटी छूट राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त नोडल प्राधिकरण, अधिकृत इकाई, राहत एजेंसी या सांविधिक निकाय की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी पार्टनर रजत बोस ने कहा कि इस राहत की प्रतीक्षा थी क्योंकि आईजीएसटी के रूप में उन संगठनों को लागत का वहन करना पड़ता जो जरूरी दवाएं और उपकरण मुफ्त में लोगों के बीच वितरित कर उनकी मदद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को एक कदम आगे बढ़ाते हुए ऐसे सामानों की स्थानीय आपूर्ति पर जीएसटी कम करनी चाहिए। साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी लाभ दिया जाना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर ऐसे सामान की खरीद की लागत उल्लेखनीय रूप से कम होगी।’’

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच यह निर्णय किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को कोविड संक्रमण के 3.68 लाख नये मामले आये जबकि 3,417 लोगों की मौत हो गयी। पिछले सप्ताह संक्रमण के दैनिक मामले 4 लाख से ऊपर पहुंच गये थे।

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