जरुरी जानकारी | आईडीबीआई बैंक को पांच साल बाद वित्त वर्ष 2020-21 में 1,359 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभा

मुंबई, तीन मई एलआईसी नियंत्रित आईडीबीआई बैंक ने सोमवार को बताया कि बीते वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में उसका एकल शुद्ध लाभ चार गुना बढ़कर 512 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने पिछले साल इसी तिमाही में 135 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।

कंपनी ने यह प्रदर्शन अपनी शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में 38 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि के आधार पर किया। वित्तीय वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में उसका एनआईआई बढ़कर 3,240 करोड़ रुपए हो गया।

बैंक ने साथ ही वार्षिक आधार पर पांच साल बाद मुनाफा अर्जित किया। उसने मार्च 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,359 करोड़ रुपये का शुद्ध एकल मुनाफा कमाया।

इसके उलट वित्तीय वर्ष 2019-20 में बैंक को 12,887 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ था।

आईडीबीआई बैंक के अनुसार पांच साल बाद बैंक ने मुनाफा अर्जित किया है।

आईडीबीआई बैंक ने एक विज्ञप्ति में बताया कि बीते वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में उसके शुद्ध मुनाफे में करीब चार गुना तेजी आयी और उसने 512 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया। बैंक ने पिछले साल इसी तिमाही में 135 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था।

हालांकि, आईडीबीआई बैंक की पूरे साल की आय पिछले साल की तुलना में कम हो गयी। पिछले वित्तीय वर्ष में उसकी आय 24,557 करोड़ रुपए थी, जो उससे पूर्व के वर्ष (2019-20) में 25,295 करोड़ रुपये थी।

बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ राकेश शर्मा ने कहा, "बैंक पांच साल के नुकसान के बाद (वित्तीय वर्ष 2020-21 में) वार्षिक मुनाफा अर्जित करने में सफल रहा। चौथी तिमाही (2020-21) पांचवी तिमाही है जिसमें हमने मुनाफा कमाया है।"

बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अजय शर्मा ने कहा कि वर्ष के दौरान बेंक को आकलन वर्ष 1998.99, 1999- 2000 और 2000- 2001 के लिये 2,305 करोड़ रुपये का कर रिफंड मिला है। इसमें ब्याज की मद में 1,308 करोड़ रुपये हैं। इसे बैंक की आय में शामिल किया गया है और इसे प्रावधान के लिये लिया गया है।

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