देश की खबरें | पात्र लाभार्थियों वाले सरकारी, निजी कार्यस्थलों पर 11 अप्रैल से लगेगा कोविड-19 का टीका

नयी दिल्ली, सात अप्रैल सरकार 11 अप्रैल से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उन सरकारी एवं निजी कार्यस्थलों पर कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति देगी जहां करीब 100 पात्र लाभार्थी होंगे।

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र में 45 वर्ष से अधिक उम्र की काफी आबादी है और कार्यालयों (सरकारी एवं निजी) या निर्माण एवं सेवा में औपचारिक व्यवसाय में शामिल है।

भूषण ने पत्र में कहा, “इस आबादी तक टीकों की पहुंच बढ़ाने के क्रम में, कोविड-19 टीकाकरण सत्रों को मौजूदा कोविड टीकाकरण केंद्र के साथ जोड़ कर उन कार्यस्थलों (सरकारी एवं निजी दोनों) में आयोजित किया जा सकता है जहां करीब 100 पात्र एवं इच्छुक लाभार्थी हैं।”

उन्होंने कहा कि राज्य कार्यस्थलों पर टीकाकरण शुरू करने की तैयारी के लिए निजी/ सरकारी क्षेत्र के नियोक्ताओं एवं प्रबंधन से उचित विचार-विमर्श कर सकते हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “ऐसे कार्यस्थल टीकाकरण केंद्र 11 अप्रैल, 2021 से सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किए जा सकते हैं।”

केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में पर्याप्त तैयारियां करने और दिशा-निर्देश जारी करने को कहा था।

दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कार्यस्थल पर टीकाकरण के लिए केवल 45 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारी टीकाकरण के लिए पात्र होंगे और पात्र परिवार के सदस्यों समेत किसी बाहरी व्यक्ति को टीकाकरण की अनुमति नहीं होगी।

संगठन के एक वरिष्ठ कर्मचारी को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों/ निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) के साथ समन्वय करने और टीकाकरण गतिविधियों को सहयोग देने के लिए मुख्य अधिकारी के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

दिशा-निर्देशों में कहा गया कि लाभार्थियों को टीकाकरण से पहले को-विन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और सीवीसी केंद्रीय अधिकारी सभी लक्षित लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करेगा और मौके पर पंजीकरण की सुविधा भी होगी लेकिन केवल कार्यस्थल के कर्मचारियों के लिए।

इसमें कहा गया कि संसाधनों के सर्वोत्कृष्ट उपयोग के लिए कार्यस्थल सीवीसी पर टीकाकरण सत्र की योजना तभी बनाई जाएगी जब कम से कम 50 लाभार्थी टीकाकरण के लिए पंजीकृत हो जाएं।

केंद्र ने दिशा-निर्देशों में कहा, “टीकाकरण सत्रों का कार्यक्रम 15 दिन पहले तक बनाया जा सकता है और कार्यस्थलों को इसकी जानकारी दी जा सकती है ताकि टीकाकरण के दिन अधिकतम लोग उपस्थित हों। हालांकि, अधिकांश कार्यस्थलों पर टीकाकरण 15 दिनों के भीतर पूरा हो सकता है।”

इसमें कहा गया कि सरकारी कार्यस्थल में प्रत्येक सीवीसी को मौजूदा एवं पास के सरकारी अस्पताल में सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा जबकि निजी कार्यस्थल में प्रत्येक सीवीसी को मौजूदा एवं पास के निजी अस्पताल के सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा।

निर्धारित सरकारी एवं निजी सीवीसी जिसके साथ कार्यस्थल सीवीसी को जोड़ा जाएगा, वह कार्यस्थल सीवीसी पर टीकाकरण टीम की तैनाती के लिए जिम्मेदार होगा।

सभी सरकारी एवं निजी सीवीसी को टीका प्राप्त करने के लिए पहले ही कुछ कोल्ड चेन प्वाइंट से जोड़ दिया गया है।

दिशा-निर्देशों में कहा गया, “ये टीकाकरण केंद्र जोड़े गए कार्यस्थल सीवीसी पर टीके प्राप्त करने की समान व्यवस्था का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।”

इसमें कहा गया कि कोविड-19 टीकाकरण गतिविधियों में लगे कार्यस्थल सीवीसी के कर्मचारी टीकाकरण और उसके बाद की प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी देने एवं प्रबंधन के लिए समान मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।

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