विदेश की खबरें | पाकिस्तान में आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए गूगल ने एनजीओ से मिलाया हाथ

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कराची, तीन जून प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने पाकिस्तान में आत्महत्या के मामलों की बढ़ती संख्या और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए एक ‘सुसाइड हॉटलाइन’ शुरू करने को लेकर एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) से हाथ मिलाया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमानों के मुताबिक, पाकिस्तान में हर साल आत्महत्या की कोशिशों के करीब 1,30,000 से लेकर 2,70,000 मामले दर्ज किये जाते हैं।

गूगल ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान में आत्महत्या से जुड़ी जिज्ञासा, जैसे कि ‘आत्महत्या में मदद’ और ‘मैं कैसे आत्महत्या कर सकता/सकती हूं, ढूंढने वाले सवाल अब ‘‘उमंग पाकिस्तान’’ की हेल्पलाइन के पास चले जाएंगे।’’

पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के लिए गूगल के क्षेत्रीय निदेशक फरहान कुरैशी ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या से जुड़ी कोई चीज ‘ब्राउज’ करेगा (ढूंढेगा), हॉटलाइन उपयोगकर्ताओं को ‘सर्च रिजल्ट पेज’ के शीर्ष हिस्से पर तुरंत मदद प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।

डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त उमंग एक मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन है जो आत्महत्या करने के बारे में सोचने वाले पाकिस्तानियों को यह कदम नहीं उठाने में मदद करता है।

उमंग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी किंजा नईम ने कहा, ‘‘पाकिस्तान में 40 प्रतिशत आबादी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से कुछ हद तक ग्रसित है।’’

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