देश की खबरें | वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा को 2030 तक तीन गुना करने के लिए सालाना 2000 अरब डॉलर की जरूरत: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 13 फरवरी पिछले साल दिसंबर में दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में बनी सहमति के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2030 तक 12000 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

वैश्विक विचार समूह ‘क्लाइमेट एनालिटिक्स’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जो वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के लक्ष्य को पूरा करने की राह पर है जो ज्यादातर चीन और भारत की नीतियों से प्रेरित है।

यह क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता है जो 2030 तक वैश्विक स्तर पर आवश्यक 8.1 टेरावाट नवीकरणीय क्षमता वृद्धि का लगभग आधा (47 प्रतिशत) प्रदान करेगा।

इन देशों में महत्वपूर्ण कोयला और गैस पाइपलाइनों के कारण परिसंपत्ति फंसने या परिवर्तन की प्रक्रिया धीमी होने का जोखिम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा का जोरदार विकास हो रहा है इसलिए नए जीवाश्म ईंधन संयंत्रों की जरूरत नहीं है और इससे बचा जाना चाहिए।

चीन और भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि दक्षिण कोरिया की धीमी गति की भरपाई करती है जहां यह पूरे क्षेत्र की आधी दर से बढ़ने के लिए तैयार है।

रिपोर्ट में पाया गया है कि वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना यानी 11 टेरावाट या 11,000 गीगावाट तक करने में नए नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर आठ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और ग्रिड तथा भंडारण बुनियादी ढांचे के लिए चार ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना और 2030 तक ऊर्जा दक्षता दर को दोगुना करना औसत वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ओईसीडी (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन) देशों में कोई भी देश 2022 के स्तर के सापेक्ष नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने की राह पर नहीं है।

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