विदेश की खबरें | जी-7 के विदेश मंत्रियों की लंदन में आमने सामने की बैठक

मेजबान देश ब्रिटेन ने चेतावनी दी है कि रूस, चीन और ईरान की बढ़ती आक्रामक गतिविधियां लोकतांत्रिक समाज और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के लिए चुनौती है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा कि इस साल जी-7 की ब्रिटेन की अध्यक्षता ‘‘खुले, लोकतांत्रिक समाजों को साथ लाने और एक ऐसे समय एकता प्रदर्शित करने का अवसर है जब साझा चुनौतियों और बढ़ते खतरों से निपटने की बहुत आवश्यकता है।’’

ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान के शीर्ष राजनयिक एक एजेंडे के साथ दो दिवसीय बातचीत कर रहे हैं। इसमें म्यांमा में तख्तापलट, इथियोपिया में संकट और अफगानिस्तान में अनिश्चित स्थिति शामिल है।

ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा कि समूह ‘‘रूस की चल रही दुर्भावनापूर्ण गतिविधि’’ पर भी चर्चा करेगा, जिसमें यूक्रेन के साथ सीमा पर मॉस्को का सैन्य जमावड़ा और विपक्षी राजनेता अलेक्सी नवलनी की हिरासत शामिल है।

साथ ही जी-7 के मंत्री विश्व भर में कोरोना वायरस के टीके उपलब्ध कराने के तरीके पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे।

आयोजकों ने लंदन की बैठक में कोविड​​-19 के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें प्रतिभागियों के बीच प्लास्टिक स्क्रीन लगाना और मौके पर कोरोना वायरस की जांच करना शामिल है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आगामी जून में ब्रिटेन के कॉर्नवाल में जी-7 नेताओं की एक और शिखर सम्मेलन आयोजित करने वाले हैं।

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