विदेश की खबरें | फ्रांस के राष्ट्रपति ने न्यू कैलेडोनिया की स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

न्यू कैलेडोनिया में फ्रांस द्वारा किए जा रहे संवैधानिक सुधारों के खिलाफ तीन दिन से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जहां लंबे समय से स्वतंत्रता की मांग उठ रही है।

विशेष रक्षा एवं सुरक्षा परिषद की बैठकों में आमतौर पर मैक्रों और चुनिंदा पदाधिकारी ही भाग लेते हैं, जिसमें प्रधानमंत्री गेब्रियल अताल और रक्षा, आंतरिक, अर्थव्यवस्था व विदेश मामलों के मंत्री शामिल हैं।

फ्रांस के गृह मंत्रालय ने लंबे समय तक जेल के रूप में इस्तेमाल किए गए न्यू कैलेडोनिया में मंगलवार को पुलिस भेजी। फ्रांसीसी प्रसारक बीएफएम ने बताया कि बीती रात हुई हिंसा में दो लोग मारे गए और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। क्षेत्रीय फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा कि हिंसा के सिलसिले में सोमवार से 130 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

द्वीप समूह में स्वतंत्रता चाहने वाले मूल निवासी कनकों और फ्रांस का हिस्सा बने रहने के इच्छुक लोगों के बीच दशकों से तनाव रहा है।

राजधानी नोमिया और इसके आसपास कर्फ्यू लागू होने व सभा पर प्रतिबंध के बावजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं।

उच्चायुक्त के पद पर आसीन क्षेत्र के शीर्ष फ्रांसीसी अधिकारी लुई ली फ्रैंक ने आगाह किया है कि अगर शांति कायम नहीं हुई तो नोमिया महानगर क्षेत्र में “कई मौत” हो सकती हैं, जहां मंगलवार को मतदान अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।

फ्रैंक ने कहा, “स्थिति गंभीर नहीं, बल्कि बहुत गंभीर है। हम खतरनाक, घातक स्थिति में पहुंच गए हैं। ”

न्यू कैलेडोनिया में अशांति सोमवार को मतदाता सूचियों के विस्तार के फ्रांस के प्रयासों को लेकर विरोध के बाद शुरू हुई। मतदाता सूचियों के विस्तार से फ्रांस समर्थक राजनेताओं को फायदा जबकि कनक समुदाय के मूल निवासियों को नुकसान होगा।

बुधवार को फ्रांस की नेशनल असेंबली ने न्यू कैलेडोनिया में चुनाव निकाय में सुधार से संबंधित संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी थी। संशोधन विधेयक के पक्ष में 351 जबकि विरोध में 153 सांसदों ने वोट डाला।

एपी

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