देश की खबरें | नगालैंड के अवर सचिव, दो अन्य के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज

नयी दिल्ली, 12 फरवरी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नगालैंड के अवर सचिव (कृषि) जितेंद्र गुप्ता और खेती से जुड़ी ‘फोकस’ परियोजना के दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से दो करोड़ रुपये से अधिक रिश्वत लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।

सीबीआई ने आयकर विभाग की ‘हवाई खुफिया इकाई’ की एक शिकायत पर कार्रवाई शुरू की है, जिसने 2013-बैच के आईएएस अधिकारी गुप्ता और उनके साथ यात्रा कर रहे दो लोगों- तत्कालीन उप वन संरक्षक रामपौकाई और पशु धन विकास विभाग में पशु चिकित्सा सहायक सर्जन ऑटो विहोई को रोका था, जो कथित तौर पर भारी नकदी के साथ 17 दिसंबर, 2023 को दिमापुर से नई दिल्ली की उड़ान में यात्रा कर रहे थे।

सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कोहिमा में ‘फोकस’ के दफ्तर में आठ फरवरी को तलाशी ली थी।

उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने कार्यवाही के दौरान विहोई के चैक-इन बैग से 34.50 लाख रुपये, रामपौकाई के चैक-इन बैग से 21 लाख रुपये और गुप्ता के केबिन बैग से 16 लाख रुपये समेत कुल 71.50 लाख रुपये जब्त किए थे।

आयकर विभाग की पूछताछ में विहोई ने आरोप लगाया कि नकदी गुप्ता की है जिन्होंने इसे ‘फोकस’ परियोजना लागू करने से जुड़े अनेक लोगों से रिश्वत के रूप में वसूला था।

फोकस परियोजना का पूरा नाम फोस्टरिंग क्लाइमेट रेजीलिएंट उपलैण्ड फार्मिंग सिस्टम है।

उन्होंने कहा कि गुप्ता ने यह नकदी अगले दिन दिल्ली ले जाने के लिए 16 दिसंबर, 2023 को उनके आवास पर उन्हें सौंप दी थी।

रामपौकाई ने भी कहा कि पैसा गुप्ता का है जिन्होंने इसे अनेक लोगों के बिल मंजूर करने के लिए उनसे लिया था।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आयकर विभाग को पता चला कि रामपौकाई परियोजना में शामिल लोगों से नियमित रिश्वत वसूल रहा है और पिछले कुछ महीने में उसने 1.5 करोड़ रुपये गुप्ता को दिये थे।

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