विदेश की खबरें | निर्वाचन आयोग ने परिणामों में देरी के लिए मोबाइल सेवा बंद रहने को जिम्मेदार ठहराया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 12 फरवरी पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को हुए आम चुनाव के परिणामों में देरी के लिए मतदान वाले दिन इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के निलंबन को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि आयोग ने पहले कहा था कि चुनाव प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) इंटरनेट पर निर्भर नहीं है और इंटरनेट बंद होने से काम प्रभावित नहीं होगा।

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने स्पष्ट बहुमत के अभाव में खरीद-फरोख्त की अफवाहों और नेशनल असेंबली की सभी सीटों पर परिणाम घोषित करने में देरी के बीच यह भी दावा किया कि परिणामों में देरी से ‘किसी विशिष्ट राजनीतिक दल’ को नुकसान नहीं हुआ है।

मतदान के तत्काल बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई थी और देर रात पहला परिणाम घोषित किया गया, लेकिन नेशनल असेंबली के चुनाव का अंतिम परिणाम रविवार को घोषित किया गया, जिसके लिए सभी राजनीतिक दलों, आम नागरिकों और पर्यवेक्षकों ने निर्वाचन आयोग की आलोचना की है।

दअसल मतदान के दिन पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा ने कहा था कि देश की चुनाव प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) इंटरनेट पर निर्भर नहीं है और इसके कारण उसका काम प्रभावित नहीं होगा।

विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने आश्वासन दिया था कि मतदान के दिन इंटरनेट सेवाएं चालू रहेंगी लेकिन मतदान से ठीक एक दिन पहले दो आतंकवादी हमले हुए जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई। इस घटनाक्रम के कारण कार्यवाहक सरकार को मोबाइल सेवाओं को निलंबित करना पड़ा था।

अपने बयान से ठीक उलट सोमवार को निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि इस कदम (इंटरनेट बंद करने) ने समन्वय और चुनाव से जुड़े सामान के परिवहन को गंभीर रूप से प्रभावित किया।

आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़कर चुनाव के नतीजे डेढ़ दिन में आ गए थे । कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में नतीजों में देरी से किसी विशिष्ट राजनीतिक दल को कोई फायदा या नुकसान नहीं हुआ।’’

सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के पास नेशनल असेंबली में 265 में से 133 सदस्यों का समर्थन होना चाहिए।

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