भविष्य को ध्यान में रखकर ‘हंड्रेड’ का आयोजन चाहता है ईसीबी

‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम को 100 गेंदें खेलने का अवसर मिलेगा। यह क्रिकेट में नया प्रारूप है जिसकी कड़ी आलोचना भी हुई। इस टूर्नामेंट में इंग्लिश क्रिकेट की 18 प्रथम श्रेणी काउंटी के बजाय आठ फ्रेंचाइजी टीमें भाग लेंगी। ईसीबी परिस्थितियां अनुकूल होने पर जुलाई में इसकी शुरुआत कर सकता है।

ईसीबी ने पिछले सप्ताह अपने 2020 सत्र के शुरुआत की समयसीमा बढ़ाकर एक जुलाई कर दी थी। अब उसकी बुधवार को बैठक होगी जिसके एजेंडा में ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट भी शामिल है।

‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम को 100 गेंदें खेलने का अवसर मिलेगा। यह क्रिकेट में नया प्रारूप है जिसकी कड़ी आलोचना भी हुई। इस टूर्नामेंट में इंग्लिश क्रिकेट की 18 प्रथम श्रेणी काउंटी के बजाय आठ फ्रेंचाइजी टीमें भाग लेंगी। ईसीबी परिस्थितियां अनुकूल होने पर जुलाई में इसकी शुरुआत कर सकता है।

ईसीबी के अधिकारी लंबे समय से कहते रहते हैं कि यह नया टूर्नामेंट इस खेल से नये दर्शकों को जोड़ सकता है जो कि क्रिकेट के भविष्य के लिये जरूरी है।

लेकिन कोविड-19 के कारण लगी पाबंदियों, विदेशी खिलाड़ियों को लाने की मुश्किलों और आर्थिक संकट के समय इसकी शुरुआत पर होने वाले खर्चों को देखते हुए इसके आयोजन में देरी की संभावना बन गयी है।

हैरिसन ने कहा, ‘‘हम देखेंगे कि परिस्थितियां किस तरह से ‘हंड्रेड’ को प्रभावित करती है। इस टूर्नामेंट की परिकल्पना खेल में नये दर्शकों को जोड़ने के उद्देश्य से की गयी थी। ’लेकिन स्टेडियम के माहौल और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों (के खेलने को लेकर संशय) के कारण यह काफी मुश्किल होगा। ’’

इंग्लिश क्रिकेट में शुरू से ही कुछ लोग ‘हंड्रेड’ का विरोध करते रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि पहले ही व्यस्त कार्यक्रम के बीच इस नये प्रारूप के लिये जगह बनाना मुश्किल होगा। उनका मानना है कि मौजूदा टी20 ब्लास्ट को और बेहतर करके ईसीबी अपने कई उद्देश्यों को हासिल कर सकता है।

लेकिन इस नये टूर्नामेंट की शुरू से पुरजोर वकालत करने वाले हैरिसन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान संकट में हंड्रेड अधिक महत्वपूर्ण बन गया है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि किसी भी तरह से हंड्रेड का पक्ष कमजोर पड़ गया है। इसके बजाय मौजूदा परिस्थितियों में इसका पक्ष मजबूत बन जाता है।’’

यहां तक कि महामारी फैलने से पहले ईसीबी ने स्वयं अनुमान लगाया था कि पहले पांच वर्षों में ‘हंड्रेड’ से नुकसान होगा। पहले साल की लागत पांच करोड़ 80 लाख पाउंड आंकी गयी थी जबकि इससे पांच करोड़ दस लाख की आय का अनुमान लगाया गया था। लागत में प्रत्येक काउंटी को 13 लाख पाउंड की धनराशि देना भी शामिल है।

ऐसे में ‘हंड्रेड’ का आयोजन नहीं करने से ईसीबी अभी अपने कुछ लाख पाउंड बचा सकता है लेकिन हैरिसन ने कहा कि आने वाले समय में यह आय का अच्छा स्रोत बन जाएगा और वर्तमान के काउंटी ढांचे को बनाये रखने में मदद करेगा।

एएफपी

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