देश की खबरें | जमानत याचिकाएं दो सप्ताह में, अग्रिम जमानत याचिकाएं छह सप्ताह में निपटाएं : गुजरात उच्च न्यायालय

अहमदाबाद, 13 फरवरी गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य की सभी अदालतों से जमानत याचिकाओं को दो सप्ताह के भीतर और अग्रिम जमानत याचिकाओं को छह सप्ताह के भीतर निपटाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का ईमानदारी से पालन करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनुरुद्ध माई की पीठ ने जमानत याचिकाओं को कई हफ्तों तक लंबित रखने के रिवाज के खिलाफ भावेश रबारी द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को आदेश पारित किया।

अदालत ने कहा कि जमानत याचिकाएं स्वीकार करने में मुकदमेबाजी के चरण को खत्म करने के लिए एक प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के जमानत मामले में उच्चतम न्यायालय ने छह सप्ताह से अधिक समय तक उनकी याचिका पर सुनवाई स्थगित करने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय पर सवाल उठाए थे। तीस्ता की यह याचिका गुजरात में 2002 के दंगा मामलों में सबूतों से छेड़छाड़ करने के मामले में थी।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि जमानत आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया का ‘‘सत्येन्द्र अंतिल बनाम सीबीआई’’ के मामले में शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित कानून के अनुसार ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए।

आदेश में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि कुछ अपवादों को छोड़कर जमानत याचिकाओं को दो सप्ताह के भीतर और अग्रिम जमानत याचिकाओं को छह सप्ताह के भीतर निपटाया जाना चाहिए।

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