जरुरी जानकारी | दीपक कोचर की कथित कंपनी ने जब्त संपत्ति छोड़वाने को अदालत में याचिका दायर की

नयी दिल्ली, 19 अगस्त आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कथित कंपनी ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से संपर्क कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त संपत्ति को मुक्त किए जाने का आदेश देने का आग्रह किया।

ईडी ने ये संपत्ति मनी लांड्रिंग मामले में पिछले साल मार्च में जब्त की थी।

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पैसेफिक कैपिटल सर्विस लि. ने अदालत से कहा कि कोई भी संपत्ति एक साल के लिये ही जब्त की जा सकती है। अवधि समाप्त होने के बाद भी ईडी ने मामले में कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। ईडी के वकील ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए याचिका पर आपत्ति जतायी और कहा कि एक अन्य मामले में संपत्ति की जब्ती को चुनौती देने वाली इसी प्रकार की याचिका बंबई उच्च न्यायालय में पहले से लंबित है।

न्ययाधीश अनूप जयराम भम्बानी ने इन दलीलों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिये 25 अगस्त की तारीख तय की। उस दिन वह मामले के अधिकार क्षेत्र पर सुनवाई करेंगे।

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कंपनी की तरफ से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत संपत्ति की जब्ती ईडी की जब्ती की पुष्टि के बाद केवल 365 दिनों तक जारी रह सकती है।

याचिका में दावा किया गया है कि कंपनी की मामले में कोई भूमिका नहीं है और आरोपी के रूप में उसका नाम नहीं है।

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